पुणे की इंदिरा यूनिवर्सिटी में ट्विशा शर्मा की याद में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. साथ ही, उसके लिए न्याय मार्च भी निकाला गया. यूनिवर्सिटी की संस्थापक डॉ. तरिता शंकर, शिक्षकों, दोस्तों और परिवार ने मोमबत्तियां जलाकर ट्विशा को श्रद्धांजलि दी और उसके माता-पिता का साथ देने का संकल्प लिया.
दहेज प्रथा को लेकर उठाई गई आवाज
मंगलवार 19 मई को हुए आयोजन के दौरान पोस्टर अभियान के जरिए दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई गई. बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों और नागरिकों ने ट्विशा शर्मा की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की.

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इंदिरा यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रही है ट्विशा
दरअसल, ट्विशा शर्मा इंदिरा यूनिवर्सिटी की BBA 2011-14 की स्टूडेंट थी, टीचर और स्टूडेंट्स ने ट्विशा की यादें अपने स्पीच में बताई. साथ ही, शिक्षकों और दोस्तों ने कहा- हम ट्विशा शर्मा के माता-पिता का हमेशा साथ देंगे. “Justice for Twisha Sharma” अभियान के तहत दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की गई है. इस दौरान लोगों के हाथ में “बेटी बचाओ सिर्फ नारा नहीं, जिम्मेदारी बनाओ” और “दोषियों को सख्त सजा” जैसे संदेश लिखे पोस्टर भी थे.
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न्याय दिलाने की अपील
सभा में शमिल सभी लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होकर ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने की भी अपील की.
(यशपाल सोनकांबले की रिपोर्ट)
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