MP Weather News: मालवा अंचल की ठंडी और सुहानी रातों के लिए मशहूर इंदौर में अब मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है. बुधवार को यहां न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे मध्यप्रदेश में सबसे अधिक रहा. इस असामान्य बढ़ोतरी ने न केवल मौसम वैज्ञानिकों को चिंतित किया है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डालना शुरू कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत है. वहीं, डॉक्टरों के अनुसार बढ़ती रात की गर्मी से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है और एलर्जी, थकान व अनियमित खान-पान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं.
इंदौर में टूटा तापमान का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को इंदौर का न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक है. मालवा क्षेत्र, जो अपनी ठंडी रातों के लिए जाना जाता है, वहां इस तरह का तापमान विशेषज्ञों को चौंका रहा है.
‘शब-ए-मालवा' की पहचान को खतरा
मालवा की रातों की प्रसिद्धि “सुबह-ए-बनारस, शाम-ए-अवध, शब-ए-मालवा” जैसी कहावतों में दर्ज है. लेकिन अब उन्हीं रातों में बढ़ती गर्मी इस पहचान पर सवाल खड़े कर रही है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव बड़े स्तर पर जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है.
राज्य के अन्य शहरों में भी बढ़ा पारा
केवल इंदौर ही नहीं, मध्यप्रदेश के अन्य हिस्सों में भी रात का तापमान असामान्य रूप से बढ़ रहा है. नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री, भोपाल में 29.2 डिग्री, सतना में 28.6 डिग्री, धार में 28.5 डिग्री, सागर में 28.3 डिग्री और रतलाम में 28.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. पिछले दिनों भी कई शहरों में रात का तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है.
नींद और स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि डोसी के अनुसार, रात के समय अधिक तापमान लोगों की जैविक घड़ी को प्रभावित कर रहा है. उन्होंने बताया कि लोग गहरी नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिससे दिनभर थकान और बेचैनी बनी रहती है. डॉ. डोसी के मुताबिक, उनके पास आने वाले लगभग 25 से 30 प्रतिशत मरीज इन दिनों नींद न आने या गर्मी के कारण असहजता की शिकायत कर रहे हैं.
बढ़ रही हैं जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं
नींद पूरी नहीं होने से लोगों में खर्राटे, अनियमित खान-पान और मोटापे जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग रात में बार-बार उठकर कुछ न कुछ खा लेते हैं, जिससे पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ जाती हैं.
एलर्जी के मामलों में इजाफा
गर्म रातों के चलते कूलरों का उपयोग बढ़ा है, लेकिन पुराने और धूल भरे कूलर लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं. डॉ. डोसी के अनुसार, कूलर से निकलने वाली धूल और प्रदूषित हवा के कारण एलर्जी के मामले भी बढ़ रहे हैं, जिससे नींद और अधिक प्रभावित हो रही है.
बदलते मौसम पर सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का मौसम आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकता है. ऐसे में लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करने, हाइड्रेशन बनाए रखने और स्वच्छ व ठंडे वातावरण में सोने की व्यवस्था करने की सलाह दी जा रही है.
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