- उज्जैन शाही मस्जिद विवाद को लेकर तनाव जारी, 250 से ज्यादा दुकानें अब भी बंद
- कर्फ्यू जैसे हालात, भारी पुलिस बल तैनात
- पत्थरबाजी मामले के 9 आरोपी कोर्ट में पेश
उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं. घटना के दो दिन बाद भी शहर के कई प्रमुख व्यापारिक इलाके बंद पड़े हैं और पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है. सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था. अब प्रशासन शांति बनाए रखने के साथ-साथ परियोजना के कार्य को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटा है.
250 से ज्यादा दुकानें अब भी बंद
मस्जिद से जुड़े विवाद के बाद छत्री चौक और आसपास के इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित है. स्थानीय व्यापारियों के अनुसार क्षेत्र की 250 से अधिक दुकानें पिछले दो दिनों से बंद हैं. व्यापारियों का अनुमान है कि लगातार बंदी के कारण अब तक करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो चुका है. व्यापारियों का कहना है कि उन्हें यह भी नहीं पता कि बाजार कब तक बंद रहेंगे और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में कितना समय लगेगा.

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कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात
प्रशासन ने छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल के आसपास का क्षेत्र, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान और सती गेट से कंठाल तक के इलाके में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर रखी है. इन क्षेत्रों में पुलिस की लगातार गश्त जारी है और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है. लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है.
नौ आरोपियों का मेडिकल परीक्षण
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार बुधवार को शाही मस्जिद के पास हुई झड़प और पथराव मामले में आरोपी बनाए गए नौ लोगों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया. जिला अस्पताल के मेडिकल अधिकारी डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी नौ आरोपियों की चिकित्सीय जांच की गई और उनकी स्थिति सामान्य पाई गई. उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले और सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य थी.

सड़क चौड़ीकरण के दौरान हुआ था विवाद
विवाद 28 सितंबर को उस समय शुरू हुआ जब सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया चल रही थी. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. पथराव की घटनाओं के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया. हालात बिगड़ते देख रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी तैनात किया गया था.
2500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. पुलिस के अनुसार उज्जैन में 2500 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं. पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा लगातार घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं. शहरभर में अलर्ट जारी है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है.
मस्जिद के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
मस्जिद परिसर के आसपास लोहे की संरचनाएं और सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च और घुड़सवार गश्त भी की है. सुरक्षा कारणों से मस्जिद के आसपास की कई दुकानें पहले ही खाली करवा दी गई थीं.
समझौते के बाद आगे बढ़ा मामला
उज्जैन के जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने पहले बताया था कि शाही मस्जिद समिति सड़क चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने पर सहमत हुई है. इस बीच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका का भी निपटारा हो गया. मस्जिद समिति और प्रशासन के बीच हुए समझौते के अनुसार मस्जिद का करीब तीन फीट हिस्सा हटाया जाएगा. इसके बदले प्रशासन प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा और मस्जिद परिसर के भीतर मीनार को स्थानांतरित करने की व्यवस्था करेगा.
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