छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ओड़गी थाना परिसर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक और पुलिस के बीच बात इतनी बढ़ गई कि थाने के अंदर ही हंगामे जैसी स्थिति बन गई. आरोप है कि वीडियो बना रहे युवक को पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया और उसका मोबाइल भी छीन लिया.
जमीन विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
मामला इन्द्रपुर गांव के रहने वाले सौरभ से जुड़ा है. सौरभ का आरोप है कि दो दिन पहले वह अपने माता-पिता के साथ खेत में जुताई कराने गया था. इसी दौरान जमीन को लेकर पड़ोसी पक्ष से विवाद हो गया. देखते ही देखते बहस बढ़ी और बात मारपीट तक पहुंच गई.
हमले में पिता घायल
युवक के अनुसार, विवाद के दौरान उस पर और उसके पिता पर हमला किया गया. इस घटना में उसके पिता के हाथ में गंभीर चोट आई, जिसे डॉक्टरों ने फ्रैक्चर बताया है. वहीं सौरभ का कहना है कि उसके साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह काफी परेशान और आहत है.
थाने में शिकायत नहीं सुने जाने का आरोप
सौरभ का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद लेकर ओड़गी थाना पहुंचा, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई. उसका आरोप है कि जिस पक्ष पर हमला करने का आरोप है, उनकी रिपोर्ट तुरंत दर्ज कर ली गई, जबकि उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया. इसी बात से नाराज होकर वह दोबारा थाने पहुंचा और कार्रवाई की मांग करने लगा.
वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान बढ़ा विवाद
युवक के मुताबिक, वह थाने में अपनी बात रखते हुए मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने लगा. इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे ऐसा करने से रोका. बात यहीं से बिगड़ गई और देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया. सौरभ ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया.
पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी ने युवक के लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि युवक पहली बार शिकायत लेकर आया था और बातचीत के दौरान ही वीडियो बनाने लगा. पुलिस ने सिर्फ उसे रिकॉर्डिंग करने से रोका था. थाना प्रभारी का दावा है कि मोबाइल छीनने या मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है.
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