- सीधी जिले में ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत रामपुर नैकिन से चुरहट तक ट्रेन इंजन ट्रायल सफल रहा.
- वर्ष 1922 में शुरू हुई परियोजना को 2016 में पुनः गति मिली और अब निर्णायक चरण में है.
- रीवा से सीधी तक लगभग 62 किलोमीटर रेलवे लाइन निर्माण और ट्रायल पूरा हो चुका है, बाकी हिस्सा तेजी से बन रहा है.
कुछ सपने ऐसे होते हैं, जिनका इंतजार केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियां करती हैं. मध्य प्रदेश के सीधी जिले के लिए रेल कनेक्टिविटी भी ऐसा ही एक सपना रही है. आजादी के दशकों बाद भी जिला मुख्यालय रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ सका था, लेकिन अब यह इंतजार खत्म होने की दहलीज पर है. ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत रामपुर नैकिन से चुरहट तक ट्रेन इंजन का सफल ट्रायल होने के बाद सीधी के लोगों में नई उम्मीद जगी है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले दो से ढाई महीनों में ट्रेन जिला मुख्यालय तक पहुंच सकती है. ऐसा हुआ तो यह सिर्फ एक रेल लाइन नहीं होगी, बल्कि सीधी के विकास, संपर्क और संभावनाओं की नई शुरुआत होगी.
चुरहट तक सफल रहा ट्रेन इंजन का ट्रायल
ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत रीवा से सिंगरौली तक रेलवे लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है. इसी क्रम में रेलवे ने रामपुर नैकिन से चुरहट तक दो दिवसीय इंजन ट्रायल किया. यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा. ट्रायल की सफलता के बाद जिले के लोगों को भरोसा हो गया है कि अब वह दिन दूर नहीं जब ट्रेन सीधी जिला मुख्यालय तक पहुंचेगी.
44 साल पुरानी परियोजना अब पहुंची निर्णायक मोड़ पर
इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना की आधारशिला वर्ष 1982-83 में रखी गई थी. हालांकि कई वर्षों तक यह योजना विभिन्न कारणों से आगे नहीं बढ़ सकी. वर्ष 2016 में परियोजना को फिर गति मिली और निर्माण कार्य को नए सिरे से शुरू किया. करीब एक दशक के लगातार प्रयासों के बाद अब यह परियोजना अपने महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चुरहट के बाद सीधी तक का काम भी निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.

ट्रेन आने के बाद रेलवे स्टेशन हुआ गुलजार.
82 किलोमीटर में से 60 किलोमीटर तक काम पूरा
रीवा से सीधी रेलवे स्टेशन के बीच की दूरी लगभग 82 किलोमीटर है. इनमें से करीब 60 किलोमीटर हिस्से में रेलवे लाइन निर्माण और ट्रायल का काम पूरा हो चुका है. बघवार, रामपुर नैकिन और चुरहट तक सफल ट्रायल भी हो चुका है. अब बाकी बचे लगभग 22 किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य तेजी से जारी है, ताकि जल्द से जल्द सीधी को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सके.
मधुरी रेलवे स्टेशन लगभग तैयार
सीधी जिले के मधुरी में बनने वाला मुख्य रेलवे स्टेशन लगभग तैयार हो चुका है. यह स्टेशन जिले के लिए रेल परिवहन का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है. स्टेशन परिसर और उससे जुड़े अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ शेष कामों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. स्थानीय लोगों का मानना है कि निर्माण कार्य की रफ्तार देखकर लगता है कि अगले कुछ महीनों में ट्रेन संचालन शुरू होने की संभावना मजबूत है.
रेल आने से बदल जाएगी जिले की तस्वीर
सीधी तक रेल पहुंचने का सबसे बड़ा फायदा शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा. अभी लोगों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरे जिलों के रेलवे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है. रेल सुविधा मिलने के बाद छात्रों, व्यापारियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को काफी राहत मिलेगी. बेहतर संपर्क से निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

ट्रेन आने का स्वागत करने रेलवे अधिकारी स्टेशन पर पहुंचे.
लोगों ने जताई खुशी
स्थानीय निवासी डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि जिले के लोग वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे. उनके अनुसार सीधी में रेल लाइन तो थी, लेकिन जिला मुख्यालय तक इसकी सुविधा नहीं पहुंची थी. चुरहट तक ट्रायल सफल होने के बाद लोगों में उत्साह बढ़ा है. उनका मानना है कि ट्रेन शुरू होने से विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
डीआरएम ने बताया आगे का प्लान
पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर के डीआरएम कमल कुमार तलरेजा ने बताया कि यह काफी लंबा और चुनौतीपूर्ण सेक्शन था, जहां कई बड़े और छोटे पुलों का निर्माण किया गया है. इसी वजह से ट्रायल और निरीक्षण में विशेष सावधानी बरती गई. उन्होंने कहा कि दो दिन तक लगातार निरीक्षण और स्पीड ट्रायल किया गया, जिसके परिणाम संतोषजनक रहे. उनके अनुसार चुरहट से सीधी तक के अगले सेक्शन का काम भी तेजी से चल रहा है और अक्टूबर-नवंबर के दौरान उसके ट्रायल की योजना है.
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