MP Gehu Kharidi 2026: विदिशा संसदीय क्षेत्र में इस रबी सीजन के दौरान गेहूं खरीदी को लेकर व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए व्यापक समीक्षा बैठक की. बैठक में क्षेत्र की आठों विधानसभा सीटों के विधायक, संबंधित जिलों के कलेक्टर और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे. चर्चा के दौरान खरीदी केंद्रों पर किसानों को हो रही परेशानियों, स्लॉट बुकिंग, बारदाने की उपलब्धता और तौल व्यवस्था जैसे मुद्दों पर खुलकर बात हुई. केंद्रीय मंत्री ने दो टूक कहा कि गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी तरह की अव्यवस्था या अनावश्यक परेशानी नहीं झेलनी चाहिए.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आठ विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा
समीक्षा बैठक में विदिशा, सांची, गंजबासौदा, बुधनी, भोजपुर, खातेगांव और इछावर समेत विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी आठ विधानसभा सीटों की स्थिति पर चर्चा की गई. संबंधित जिलों के कलेक्टरों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट रखी, वहीं विधायकों ने खरीदी केंद्रों पर सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया. शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि कागजों में नहीं, जमीन पर व्यवस्था बेहतर दिखनी चाहिए.
आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में गेहूँ उपार्जन व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) April 21, 2026
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खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गेहूं खरीदी सिर्फ प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों से सीधे जुड़ा संवेदनशील काम है. इसलिए हर खरीदी केंद्र पर छांव, पानी, तौल कांटे और समयबद्ध खरीदी जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी या देरी जैसे कारणों से खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए. किसी भी स्तर पर लापरवाही की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा.
स्लॉट बुकिंग और सर्वर की समस्या पर चिंता
बैठक में स्लॉट बुकिंग को लेकर आ रही तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा भी उठा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है, उनका शीघ्र सत्यापन कराया जाए. उन्होंने अधिकारियों को सर्वर की गति और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि किसान बार-बार केंद्रों के चक्कर न काटें. उनका कहना था कि तकनीक सुविधा के लिए है, बाधा बनने के लिए नहीं.
जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर करें समाधान
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का समाधान वहीं तुरंत होना चाहिए. इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. उन्होंने कहा कि खरीदी की मात्रा कम न हो और किसान अपनी उपज बेचकर संतोष के साथ घर लौटे, यह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है. बारदाने और अतिरिक्त तौल कांटों की जरूरत पड़ने पर वे स्वयं शासन स्तर पर चर्चा करेंगे.
खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने पर भी संकेत
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने, अतिरिक्त केंद्र खोलने और छुट्टी के दिनों में भी खरीदी जारी रखने जैसे विकल्पों पर विचार किया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के हित से जुड़ा कोई भी फैसला लेने में देरी नहीं की जाएगी.
जरूरत पड़ी तो जमीनी दौरा भी करेंगे
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वे मध्यप्रदेश शासन और मुख्यमंत्री से इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे. यदि हालात की मांग हुई तो वे खुद विदिशा संसदीय क्षेत्र के जिलों का दौरा कर खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे. उनका जोर इस बात पर रहा कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और किसान भरोसे के अनुरूप हो, ताकि मेहनतकश किसान खुद को परेशान नहीं, बल्कि सम्मानित महसूस करे.
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