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शिव नवरात्रि का दूसरा दिन: राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, कल शेषनाग स्वरूप में होंगे दर्शन

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के दूसरे दिन बाबा महाकाल राजा स्वरूप में सजे नजर आए. सुबह कोटेश्वर महादेव की पूजा के बाद शाम को भव्य श्रृंगार किया गया.

शिव नवरात्रि का दूसरा दिन: राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, कल शेषनाग स्वरूप में होंगे दर्शन

Mahakaleshwar Temple Shiv Navratri 2026: शिव नवरात्रि के दूसरे दिन उज्जैन में आस्था और भक्ति का विशेष नजारा देखने को मिला. विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार को परंपरागत विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई. सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. शाम होते-होते बाबा महाकाल को राजा स्वरूप में श्रृंगारित कर वस्त्र धारण करवाए गए, जिसके दर्शन कर भक्त भाव-विभोर हो गए.

सुबह कोटेश्वर महादेव की हुई विशेष पूजा

शिव नवरात्रि के दूसरे दिन की शुरुआत शनिवार सुबह कोटितीर्थ स्थित कोटेश्वर महादेव की पूजा से हुई. मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा ने विधिवत पूजा संपन्न कराई. उनके साथ 11 पुजारियों ने गर्भगृह में बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन और एकादश-एकादशनी रुद्राभिषेक किया. पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और भक्ति का माहौल बना रहा.

12 ज्योतिर्लिंगों में खास है महाकाल की शिव नवरात्रि

उल्लेखनीय है कि पूरे देश में 12 ज्योतिर्लिंग हैं, लेकिन शिव नवरात्रि का विशेष आयोजन उज्जैन के महाकाल मंदिर में ही होता है. इस पावन पर्व की शुरुआत शुक्रवार से हुई है. हर दिन बाबा महाकाल का अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार किया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.

शाम को राजा स्वरूप में श्रृंगार

शिव नवरात्रि के दूसरे दिन शाम करीब 4 बजे गर्भगृह में बाबा महाकाल का श्रृंगार शुरू हुआ. लगभग एक घंटे की पूजा और सजावट के बाद बाबा को राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार कर वस्त्र धारण करवाए गए. इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु जयकारे लगाते रहे और बाबा के दिव्य दर्शन किए.

शाम के श्रृंगार के समय मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे. राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ लिया. मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा.

कल शेषनाग स्वरूप में होंगे बाबा के दर्शन

बताया गया है कि शिव नवरात्रि नौ दिनों का पर्व होता है, लेकिन इस बार तिथियों के कारण यह पर्व दस दिनों तक मनाया जा रहा है. यह उत्सव 6 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा. दो दिन राजा स्वरूप में श्रृंगार के बाद, पर्व के तीसरे दिन रविवार को बाबा महाकाल शेषनाग स्वरूप में दर्शन देंगे, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है.

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