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छत्तीसगढ़ राजस्‍व व‍िभाग का कारनामा: कागजों में मृत घोषित मह‍िला सामने बोली-''मैं ज‍िंदा हूं''

सरगुजा के अंबिकापुर में एक बुजुर्ग महिला को कागजों में मृत घोषित कर उसकी 6 एकड़ जमीन हड़पने का मामला सामने आया है. महिला ने अपने भतीजे और राजस्व अमले पर साजिश का आरोप लगाया है.

छत्तीसगढ़ राजस्‍व व‍िभाग का कारनामा: कागजों में मृत घोषित मह‍िला सामने बोली-''मैं ज‍िंदा हूं''

अपने कार्यों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले छत्तीसगढ़ के सरगुजा राजस्व विभाग के अफसरों का एक और चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है. सरगुजा जिले में एक बुजुर्ग महिला को कागजों में मृत घोषित कर लाखों रुपये की जमीन हड़पने की साजिश रची गई. हैरानी की बात यह है कि जिसे मृत बताया गया, वह महिला खुद सामने आकर कह रही है-“मैं जीवित हूं.”

अंबिकापुर के मेंड्रा खुर्द गांव का मामला

दरअसल, मामला अंबिकापुर के मेंड्रा खुर्द गांव का है. यहां की रहने वाली बुजुर्ग महिला सुगामती राजवाड़े ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि उसके ही भतीजे कवलसाय राजवाड़े ने साजिश के तहत उसे मृत घोषित कर दिया और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर उसकी करीब 6 एकड़ जमीन अपने नाम करा ली.

मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर कराया नामांतरण

सुगामती राजवाड़े का आरोप है कि बिना उसकी जानकारी के मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर लिया गया. इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन का नामांतरण कर दिया गया. पीड़िता को इसकी भनक तक नहीं लगी. पीड़िता सुगामती राजवाड़े और उनका पूरा परिवार काफी कम पढ़ा-लिखा है. आरोप है कि इसी का फायदा न सिर्फ रिश्तेदारों ने उठाया बल्कि राजस्व विभाग के पटवारी से लेकर अधिकारियों ने भी कथित रूप से रुपए की लेन-देन कर पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया.

धान बेचने गए तो खुला राज

पीड़िता के पोते नेहरू राजवाड़े ने बताया कि जब वे धान बेचने समिति पहुंचे तो समिति प्रबंधक ने कहा कि उनके नाम से कोई खेत ही दर्ज नहीं है. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ कि जमीन पहले ही राजस्व रिकॉर्ड से गायब हो चुकी है. अब बुजुर्ग सुगामती राजवाड़े खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही है.

राजस्व विभाग की लापरवाही या मिलीभगत?

नेहरू राजवाड़े का कहना है कि उनकी दादी को मृत बताकर जमीन हड़प ली गई. इसमें राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही या फिर मिलीभगत साफ नजर आ रही है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

एसडीएम की भूमिका पर उठे सवाल

बहरहाल, सबसे बड़ा सवाल यह है कि जीवित महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र आखिर कैसे बन गया और राजस्व रिकॉर्ड में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो गई. इस संबंध में जब फगेश सिन्‍हा एसडीएम अंबिकापुर से संपर्क किया गया तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही. जबकि आरोप है कि एसडीएम अंबिकापुर के आदेश के बाद ही सुगामती राजवाड़े को मृत घोषित कर दूसरे व्यक्ति का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया.

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