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रक्षाबंधन: महिलाओं ने बनाई सब्जी के बीजों वाली राखी; त्‍योहार के बाद गमले में उगेगी भिंडी-टमाटर

रक्षाबंधन पर छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की महिलाओं ने अनूठी पहल कर भिंडी, लौकी और टमाटर के बीजों से इको-फ्रेंडली राखियां बनाई हैं. त्योहार के बाद राखियों में लगे बीज मिट्टी में मिलकर पौधा और सब्जियों की बेल बन जाएंगीं.

रक्षाबंधन: महिलाओं ने बनाई सब्जी के बीजों वाली राखी; त्‍योहार के बाद गमले में उगेगी भिंडी-टमाटर
rakshabandhan eco friendly seed rakhi sakti women innovation vegetable seeds.
  • छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की महिलाओं ने भिंडी, लौकी और टमाटर के बीजों से इको-फ्रेंडली राखियां बनाई हैं.
  • त्योहार के बाद राखियों में लगे बीज मिट्टी में मिलकर पौधा और सब्जियों की बेल बन जाएंगे.
  • सब्‍जी के बीजों वाली यह राखियां सिर्फ ₹20 से ₹30 में बिक रही हैं.

रक्षाबंधन 28 अगस्‍त को है. भाई-बहन के इस त्‍योहार को लेकर शहरों के बाजारों में रौनक बढ़ गई है. बाजार में सजी दुकानों पर तरह-तरह की चमकदार राखियां नजर आ रही हैं. लेकिन, रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की पलाडीकला गांव की महिलाओं ने अनोखी तरह की राखियां बनाई हैं जो भाइयों की कलाई से उतरने के बाद मिट्टी में जाकर पौधा और सब्जियों की बेल बन जाएंगी. 

रक्षाबंधन के लिए सब्जी के बीजों से इको-फ्रेंडली राखियां पलाडीकला गांव में 'राधा कृष्ण स्व-सहायता समूह' की महिलाएं ने तैयार की हैं. समूह की 10 महिलाएं पिछले 15 दिनों से इन खास राखियों को तैयार करने में जुटी हैं. उन्‍होंने अब तक हजारों राखियां बना ली हैं. इन राखियों में प्लास्टिक या मोतियों की जगह भिंडी, लौकी, कद्दू और टमाटर जैसी सब्जियों के बीजों का इस्तेमाल कर शानदार डिजाइन बनाई गई है. जिन पर अलग-अलग वाटर कलर कर उन्‍हें खूबसूरत रंग में रंगा गया है. 

rakshabandhan eco friendly seed rakhi sakti women innovation

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सबसे खास बात यह है क‍ि हर राखी के साथ एक संदेश पत्र भी दिया जा रहा है, जिस पर साफ-साफ लिखा है क‍ि कलाई से राखी उतारने के बाद उसमें लगे बीजों को मिट्टी में बो दीजिए. कुछ दिन बाद यह आपको सब्‍जी खाने को मिलेगी. 
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महिलाओं को घर बैठे मिला रोजगार, ₹20 से ₹30 में बिक रहीं राखियां 

समूह की महिलाओं का कहना है कि इस पहल से उन्हें रक्षाबंधन के त्‍योहार पर घर बैठे रोजगार मिला है. साथ ही, समाज में पर्यावरण बचाने का मैसेज भी जा रहा है. बाजार में सब्‍जी के बीजों वाली यह राखियां सिर्फ ₹20 से ₹30 में बिक रही हैं. लोग भी इन राखियों को खूब पसंद कर रहे हैं और जमकर खरीदी कर रहे हैं.  

जिला प्रशासन दे रहा है बाजार और समर्थन

सक्ती जिला पंचायत के सीईओ वासु जैन ने NDTV से बात करते हुए कहा क‍ि राधा कृष्ण स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने त्‍योहार पर एक अच्‍छी पहल शुरू की है. प्रशासन भी उन्‍हें आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है. महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके द्वारा बनाई गई इको-फ्रेंडली राखियों को बड़े स्‍तर पर पहचान मिल सके.  
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28 अगस्त राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्‍या?

रक्षाबंधन 2026 पर इस बार भद्रा का साया नहीं है. भद्रा काल 27 अगस्त 2026 की रात 9:30 बजे खत्‍म हो जाएगा. इसके बाद 28 अगस्त को बहनें भाई की कलाई पर बिना किसी डर के राखी बांध सकती हैं. हालांकि, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक राहुकाल होने के कारण राखी बांधने से बचना चाहिए. 28 अगस्त शुक्रवार को राखी बांधने के लिए दिनभर में तीन शुभ मुहूर्त रहेंगे. पहला सुबह 5:45 से 9:45 बजे तक, दूसरा दोपहर 1:40 से शाम 4:15 बजे तक और तीसरा शाम 6:29 से रात 9:12 बजे तक. इन शुभ मुहूर्तों में बहनें अपनी सुविधा अनुसार भाइयों को राखी बांध सकती हैं.

सक्ती से प्रकाश साहू की रिपोर्ट... 

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