रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते और स्नेह का त्योहार है. लेकिन कई बार किसी वजह से बहन राखी भेज देती है और वह समय पर नहीं पहुंच पाती. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पत्नी अपने पति की कलाई पर वह राखी बांध सकती है. आचार्य मदनमोहन ने बताया कि पत्नी का पति को राखी बांधना शास्त्र सम्मत नहीं माना जाता है.
पति को राखी बांधने के लिए पत्नी को क्यों किया जाता है मना
आचार्य मदनमोहन ने बताया कि रक्षाबंधन पर राखी बांधने की परंपरा बहन और भाई के रिश्ते से जुड़ी है. इसलिए पत्नी को अपने पति की कलाई पर राखी या सामान्य रक्षा सूत्र बांधने से बचना चाहिए. उनके अनुसार, यह धार्मिक परंपरा के अनुरूप नहीं है.
क्या इससे पति-पत्नी के रिश्ते पर प्रभाव पड़ता है
आचार्य ने कहा कि पत्नी द्वारा पति को राखी बांधने से दांपत्य जीवन में विवाद और कलह की स्थिति बन सकती है. उन्होंने कहा कि इससे पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव आने की आशंका रहती है. हालांकि, ऐसी धार्मिक मान्यताओं को आस्था और परंपरा के नजरिए से ही देखना चाहिए.
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बहन की राखी हो तो क्या करें उपाय
उन्होंने आगे बताया कि अगर किसी कारण बहन खुद राखी बांधने नहीं पहुंच पाती है और राखी भेजती है, तो पत्नी के बजाय भाई खुद वह राखी धारण कर सकता है. इसके अलावा परिवार में अन्य बहन से राखी बंधवाने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है.
क्या पत्नी रक्षा सूत्र भी बांध सकती है
आचार्य मदनमोहन के अनुसार, पत्नी को पति की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने से भी बचना चाहिए. उनके मुताबिक, रक्षासूत्र बांधने की परंपरा में भी बहन की भूमिका मानी गई है.
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