Ankit Kumar Success Story: इतिहास गवाह है कि सपनों के लिए लड़े गए संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाते... और इसका जीता जागता गवाह जहानाबाद के अंकित कुमार है. अंकित बीपीएससी 2024 (BPSC 2024) यानी बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल कर DSP बने. ये वो लड़का है, जिनके पिता को उग्रवादियों ने मार डाला और पूरा बचपन नक्सली क्षेत्र में गुजरा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सफलता की इबारत लिखी... अंकित (Ankit Kumar Success Story) की यह उपलब्धि केवल परीक्षा में सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि संघर्ष, त्याग और दृढ़ की प्रेरणादायक कहानी है, जो रुकना नहीं, हर परिस्थिति से लड़ना सिखाती है.
चुनौतियों से भरा रहा जीवन, बचपन में उठ गया पिता का साया
अंकित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा. बचपन में ही उग्रवादियों ने उनके पिता रजनीश शर्मा की हत्या कर दी, जिसके बाद उनके सिर से पिता का साया उठ गया. इस दुखद घटना से पूरा परिवार टूट गया और उग्रवादियों के खौफ में जीने लगा. उनका बचपन भी घोर नक्सली क्षेत्र में गुजरा, जहां हर समय उग्रवादियों का खौफ था. जहां बचपन भी गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच गुजरा. हालांकि इसके बावजूद अंकित ने हार नहीं मानी. वो इस परिस्थिति में भी सपने बुने... सिर से पिता का साया उठने के बाद इस कठिन परिस्थितियों में चाचा ने घर परिवार को संभाला.
BHU से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की
अंकित जहानाबाद के मखदुमपुर के मकरपुर के रहने वाले हैं. उनकी मां सुनीता देवी हाउस वाइफ है. अंकित की एक बहन भी है. उनका परिवार संयुक्त परिवार है, जो खेती पर निर्भर है. अंकित का बचपन मकरपुर में गुजरा. हालांकि 2015 में पिता की हत्या के बाद चाचा नीरज शर्मा ने आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें गया जी भेज दिया. अंकित बचपन से ही मेधावी छात्र रहे. उन्होंने साल 2018 में गया स्थित डीएवी विद्यालय से मैट्रिक परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने मॉडर्न एकेडमी गया से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने पहले प्रयास में जेईई परीक्षा पास की. वहीं प्रतिष्ठित आईआईटी वाराणसी (BHU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.

Success Story: पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित ने प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया.
कई निजी कंपनियों से मिला जॉब का ऑफर
साल 2024 में उन्होंने अभियंत्रण स्नातक की डिग्री प्राप्त की. आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित के सामने कई बड़ी कंपनियों से नौकरी का ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने निजी क्षेत्र में नौकरियों को स्वीकार करने के बजाय उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया. इसके बाद उन्होंने बिहार पीसीएस की तैयारी शुरू की. उन्होंने बिना कोचिंग की तैयारी की और सेल्फ स्टडी का सहारा लिया. बीपीएससी परीक्षा की तैयारी उन्होंने वाराणसी से की. वो दिन रात एक लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई की.
हासिल किया 274वां रैंक
अथक मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ अंकित ने पहले प्रयास में 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 274 वां रैंक हासिल की. उनका चयन डीएसपी पद के लिए हुआ है. उनकी इस सफलता से परिवार के साथ साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है. लोग बधाइयां देने उनके घर पहुंच रहे हैं.

Success Story: अंकित कुमार ने पहले प्रयास में बीपीएससी में 274 रैंक लाकर जहानाबाद समेत राज्य का नाम रोशन किया है.
अंकित कुमार ने NDTV को बताया कि 2015 में उग्रवादियों ने पिता की हत्या कर दी. इसके बाद गांव और घर में डर का माहौल बन गया. चाचा इस माहौल से मुझे दूर रखना चाहते थे, इसलिए उनहोंने पढ़ाई करने के लिए गया भेज दिया. इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई गया से पूरी की. इसके बाद आगे की पढ़ाई वाराणसी से की.
DSP अंकित ने बताया- आखिरी समय में 72वीं BPSC प्री के लिए कैसे करे तैयारी'
72वीं बीपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अंकित ने NDTV पर कुछ सुझाव दिए. उन्होंने बताया कि 72वीं प्री के लिए अब बहुत कम समय बचा है. ऐसे में जो भी स्टूडेंट्स इसकी तैयारी कर रहे हैं, वो सिर्फ चार विषयों पर फोकस करे, जैसे इतिहास, साइंस, बिहार स्पेशल और करेंट अफेयर्स. उन्होंने कहा कि इस बार ऑपशन E भी जोड़ा गया है, जो जरूरी मार्क करना है. ऐसे में टाइम मैनेजमेंट में समस्या आ सकती है. स्टूडेंट्स इस पर खास ध्यान दे.
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