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'तुमसे सीखकर ही सिया ने केतन को मार डाला'— सोनम पर फूटा राजा रघुवंशी की मां का गुस्सा

राजा रघुवंशी मर्डर मिस्ट्री में नया मोड़ आ गया है. मुख्य आरोपी सोनम ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर खुद को बेकसूर बताया तो मृतक की मां उमा रघुवंशी का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने कहा- तुमसे सीखकर ही सिया ने केतन को मार डाला. जानें सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ.

देशभर में चर्चित इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर मिस्ट्री में एक बार फिर बड़ा ट्विस्ट आया है. मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दायर कर खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया है. सोनम ने दावा किया है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है और वह ट्रायल में पूरा सहयोग कर रही है. सोनम के इसी दावे पर इंदौर में राजा रघुवंशी की मां ने तीखा पलटवार किया है. राजा की मां उमा रघुवंशी ने सोनम को पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताते कहा है कि सोनम जैसी लड़कियों से ही प्रेरित होकर सिया ने केतन की बेरहमी से हत्या की है. इधर, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच में इस मामले पर सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए मंगलवार, 14 जुलाई की तारीख तय की है. तब तक सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी.

"सोनम बेकसूर थी तो राजा को आगाह क्यों नहीं किया" 

सोनम रघुवंशी द्वारा खुद को बेगुनाह बताए जाने पर राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उमा रघुवंशी ने सोनम को इस पूरी साजिश का असली मास्टरमाइंड बताया है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि सोनम निर्दोष होती, तो वह राजा को समय रहते आगाह कर सकती थी कि राज कुशवाहा और उसके साथी उसके पीछे-पीछे आ रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि उनका बेटा आरोपियों को पहचानता तक नहीं था, इसलिए सोनम का खुद को बेकसूर बताना पूरी तरह गलत है. उमा रघुवंशी ने पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि सोनम जैसी लड़कियों से ही प्रेरित होकर सिया ने केतन की बेरहमी से हत्या की है. इसके साथ ही उन्होंने मामले की सुनवाई में लगातार हो रही देरी पर भी गहरी आपत्ति जताई.
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"टाइपो एरर को बनाया गया जमानत का आधार"

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में एक बेहद अहम दलील दी. उन्होंने कोर्ट को बताया कि एक टाइपो एरर के कारण आरोपी को जमानत मिल गई. चार्जशीट या दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से जुड़ी धारा 103 की जगह गलती से धारा 403 टाइप हो गया था, जिसे कोर्ट ने आधार बना लिया. अदालत ने अब सोनम रघुवंशी के इस नए हलफनामे पर मेघालय सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है. इससे पहले की सुनवाई में एसजी ने कोर्ट को बताया था कि मामले में अभी 94 गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं और प्रकरण फिलहाल ट्रायल स्टेज पर है.

सोनम ने अदालत में कहा- मेरे खिलाफ कोई सीधे सबूत नहीं

दूसरी तरफ, मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने अपने हलफनामे के जरिए अदालत के सामने अपनी सफाई पेश की है. सोनम का कहना है कि अभियोजन का पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर आधारित है और केवल आरोपों के दम पर उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उसने दलील दी है कि पुलिस को अब उससे कोई बरामदगी नहीं करनी है और मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है. सोनम ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वह अदालत की शर्तों का पालन करते हुए शिलांग में ही रह रही है, इसलिए इस बात की कोई संभावना नहीं है कि वह सबूतों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ कर सकती है.
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