Chandra Grahan 2026: आज यानी 3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में पड़ रहा है. भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा, लेकिन उस समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा. भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा. करीब 6:46 से 6:47 बजे के बीच ग्रहण समाप्त हो जाएगा. यानी भारत में यह ग्रहण लगभग 15 से 20 मिनट ही दिखाई देगा.
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सूतक काल कब से लगेगा?
सूतक 3 मार्च की सुबह 6:23 बजे से शुरू हो चुका है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह समय सामान्य दिनों की तुलना में संवेदनशील माना जाता है, इसलिए इस दौरान कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है. आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण में सूतक काल लगने के बाद क्या कर सकते हैं और किन कामों को करने से बचना चाहिए-
क्या ग्रहण के समय सो सकते हैं?इसे लेकर NDTV संग हुई खास बातचीत के दौरान ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित ने बताया, ग्रहण के दौरान सोने से बचना चाहिए. मान्यता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. ऐसे में सोने से मानसिक और शारीरिक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है. इसलिए इस समय मंत्र जाप, ध्यान या भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है.
कपड़े धोना या अन्य काम करना सही है?ज्योतिषाचार्य आगे बताते हैं, धार्मिक दृष्टि से ग्रहण काल में कपड़े धोना, खाना बनाना, झाड़ू-पोंछा करना या मशीन, चाकू, कैंची जैसी चीजों का उपयोग करना भी वर्जित माना गया है. ऐसा माना जाता है कि ग्रहण का समय सामान्य कामों के लिए अनुकूल नहीं होता. बेहतर है कि सूतक शुरू होने से पहले ही जरूरी काम पूरे कर लें या सूतक काल के बाद इन कामों को पूरा करें.
ग्रहण के बाद क्या करें?ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है. ग्रहण के समय पहने हुए कपड़े बदल लेना चाहिए. घर में गंगाजल का छिड़काव करना भी शुभ माना जाता है. इसके साथ ही दान-पुण्य करना और भगवान का धन्यवाद करना सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना गया है.
ज्योतिषाचार्य कहते हैं, चंद्र ग्रहण को डर की तरह नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और भक्ति के अवसर की तरह देखना चाहिए. सही नियमों का पालन करके इस समय को आध्यात्मिक उन्नति के लिए उपयोग किया जा सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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