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Padma Shri 2026: मध्य प्रदेश की 4 हस्तियों को पद्मश्री, कौन हैं कैलाश चंद्र पंत, भगवानदास रैकवार व मोहन नागर?

मध्य प्रदेश के तीन नागरिक कैलाश चंद्र पंत, भगवानदास रैकवार और मोहन नागर को साल 2026 के पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.

Padma Shri 2026: मध्य प्रदेश की 4 हस्तियों को पद्मश्री, कौन हैं कैलाश चंद्र पंत, भगवानदास रैकवार व मोहन नागर?

Padma Shri 2026 Madhya Pradesh:  गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर भारत सरकार की ओर से दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों की घोषणा रविवार को हुई. साल 2026 के पुरस्कारों में मध्य प्रदेश की चार हस्तियों को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा. देश भर से भारत सरकार ने 131 पुरस्कारों की घोषणा की है. इनमें  5 पद्म विभूषण + 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री अवार्ड शाम‍िल है.

मध्य प्रदेश के भोपाल के प्रख्यात लेखक कैलाश चंद्र पंत, सागर के मार्शल आर्ट कलाकार भगवानदास रैकवार और मप्र जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर और श्री नारायण व्यास को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा. पुरस्कारों की घोषणा होते ही इनके घरों में खुशी का माहौल है. लोग इन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं.

कैलाशचन्द्र पंत का जीवन परिचय

जन्म : 26 अप्रैल 1936, मऊ, जिला इन्दौर (म.प्र.)
शिक्षा : एम.ए., साहित्याचार्य, साहित्य रत्न
कार्य अनुभव
व्याख्याता : यूनियन थियोलॉजिकल सेमिनरी, इन्दौर (1957–59)
प्राचार्य : पंचायतराज प्रशिक्षण केन्द्र, भोपाल (1963–71)
प्रकाशन प्रमुख : विद्या भवन (एन.सी.ई.आर.टी.), उदयपुर (1959–60)
संवाददाता : दैनिक इन्दौर समाचार, इन्दौर (1972–77)
सह–सम्पादक : सोशलिस्ट कांग्रेसमेन, दिल्ली (1961–62)
दैनिक नव भारत, भोपाल (1962)
दैनिक नव प्रभात, भोपाल (1962–63)

सम्पादक
मासिक ‘शिक्षा प्रदीप', भोपाल (1963–64)
साहित्यिक ‘जनधर्म', भोपाल (1977–98)
साहित्यिक ‘दुरगामी आउटलुक', इन्दौर (2000–01)
द्वैमासिक पत्रिका ‘अक्षरा', भोपाल (2003 से निरंतर)

सम्मान

1. ‘साहित्य भूषण सम्मान' – उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ
2. ‘नेहरू लिटरेसी अवार्ड' – भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ, नई दिल्ली
3. ‘लाल बदलेसिंह पत्रकारिता सम्मान' – माधवराव सप्रे समाचारपत्र संग्रहालय, भोपाल
4. ‘कान्तिलाल जोशी हिन्दीसेवी सम्मान' – राष्ट्रभाषा प्रचार सभा, मुंबई
5. ‘परम विशिष्ट हिन्दीसेवी सम्मान' – द्वितीय हिन्दी भाषा कुम्भ, बैंगलुरु
6. ‘संस्कृति गौरव सम्मान' – उत्तरांचल लोककला, साहित्य, संस्कृति परिषद, देहरादून
7. ‘निराला साहित्य सम्मान' – ‘रूपान्तर', कोलकाता
8. ‘हिन्दी भूषण सम्मान' – श्रीनाथद्वारा साहित्य मण्डल, नाथद्वारा
9. ‘विभूति सम्मान' – काशी विद्वत परिषद, वाराणसी
10. ‘विश्व शिरोमणि सम्मान' – अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, जयपुर
11. इंडियन लिटरेसी बोर्ड, लखनऊ का सम्मान
12. पचहत्तरवें अवसर पर भोपाल की जनता द्वारा ‘नागरिक सम्मान'
13. ‘आधार शिला सम्मान' – हल्द्वानी (उत्तरांचल)
14. ‘सारस्वत सम्मान' – म.प्र. लेखक संघ
15. ‘वीरसिंह जू देव साहित्य सम्मान' – आँचलिक साहित्यकार परिषद, टीकमगढ़
16. ‘श्रेष्ठ कला आचार्य सम्मान' – अभिनव कला परिषद, भोपाल
17. ‘दीर्घकालीन सेवा सम्मान' – जेसिज क्लब, मऊ
18. ‘हिन्दी सेवी सम्मान' – रीवा

विदेश यात्राएं

भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में फिलीपीन्स (1976), नेपाल (1987), इजराइल (1989), म.प्र. शासन के प्रतिनिधि के रूप में इंडोनेशिया (1992), पाँचवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में म.प्र. शासन के प्रतिनिधि के रूप में त्रिनिदाद एवं टोबैगो (वेस्टइंडीज), लंदन में छठे विश्व हिन्दी सम्मेलन में म.प्र. शासन की ओर से भागीदारी, अन्तरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन ह्यूस्टन (यू.एस.ए.) में भागीदारी, सातवें विश्व हिन्दी सम्मेलन, सूरीनाम में प्रतिभागिता तथा मिस्र, जॉर्डन, स्विट्ज़रलैण्ड, जर्मनी, फ्रांस, इटली, नीदरलैण्ड, सिंगापुर, नेपाल और थाईलैण्ड की पर्यटन यात्राएं.

स्वैच्छिक सेवा कार्य

संस्थापक, स्वाध्याय विद्यापीठ–मऊ;
सचिव, भारत कृषक समाज, मध्यप्रदेश–भोपाल;
सचिव, शहीद गणेशशंकर विद्यार्थी मेमोरियल पत्रकारिता ट्रस्ट–भोपाल;
मंत्री–संचालक, म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति–भोपाल;
मंत्री–संचालक, पं. रविशंकर शुक्ल हिन्दी भवन न्यास–भोपाल;
सहायक मंत्री, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति–वर्धा;
उप सभापति, श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति–इन्दौर;
राष्ट्रीय संयोजक, ‘हम भारतीय अभियान'–वर्धा;
न्यासी, बाल निकेतन ट्रस्ट–भोपाल;
संरक्षक–समकालीन साहित्य सम्मेलन–मुंबई;
संरक्षक, कला मन्दिर–भोपाल;
अध्यक्ष, मध्यप्रदेश प्रौढ़ शिक्षा संघ. 

मोहन नागर का जीवन परिचय

नाम: मोहन नागर
जन्मस्थान: मोहन नगर, बैतूल, मध्यप्रदेश
वर्तमान पद: उपाध्यक्ष, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद
संस्थाएं: भारत भारती शिक्षा संस्थान, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय (जबलपुर) प्रबंधन मंडल, मध्यप्रदेश वाइल्ड लाइफ बोर्ड

शिक्षा एवं प्रारंभिक जीवन: मोहन नागर ने अपनी शिक्षा और सामाजिक सेवा की शुरुआत बैतूल से की. वे पिछले तीन दशकों से भारत भारती शिक्षा संस्थान से जुड़े हुए हैं, जहाँ उन्होंने शिक्षा और समाजसेवा दोनों क्षेत्रों में योगदान दिया.

प्रमुख उपलब्धियां और पुरस्कार

2026: पद्मश्री पुरस्कार – पर्यावरण और जल संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए
2019: राष्ट्रीय 'जल प्रहरी' सम्मान, दिल्ली
2020: जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 'वाटर हीरो' सम्मान

मध्यप्रदेश शासन का 'गोपाल पुरस्कार'

दुष्यंत कुमार साहित्य अकादमी पुरस्कार – काव्य कृति 'चातुर्मास' के लिए
भाऊराव देवरस राष्ट्रीय पुरस्कार – भूगर्भ जल संरक्षण के लिए

सामाजिक योगदान

मोहन नागर ने जिले में जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और सामाजिक चेतना से जुड़े कई नवाचार सफलतापूर्वक संचालित किए हैं. उनका उद्देश्य विशेष रूप से आदिवासी और जनजातीय समाज के जीवन स्तर को सुधारना और जल संरक्षण की दिशा में जनजागरण करना है.

अन्य जिम्मेदारियां 

वे नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रबंधन मंडल के सदस्य और मध्यप्रदेश वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य भी हैं.  

भगवानदास रैकवार का जीवन पर‍िचय

  • जन्म और क्षेत्र: सागर, मध्य प्रदेश

  • विशेषता: बुंदेली युद्ध कला (तलवारबाजी, लाठी-डंडा और पारंपरिक तकनीकें) के संरक्षक और प्रशिक्षक

  • राष्ट्रीय सम्मान: पद्म श्री 2026 – “अनसंग हीरोज” कैटेगरी में

  • कार्य: दशकों से युवाओं को पारंपरिक मार्शल आर्ट सिखाना और इसे विलुप्त होने से बचाना

  • सांस्कृतिक महत्व: बुंदेली युद्ध कला को जीवित रखकर स्थानीय संस्कृति और पहचान को मजबूत किया

  • समाज पर प्रभाव: युवा पीढ़ी में अनुशासन, फिटनेस और सांस्कृतिक गर्व पैदा करना

  • मान्यता: उनके योगदान को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली, वे उन चुनिंदा व्यक्तियों में शामिल हैं जिनका काम सुर्खियों से दूर रहकर भी समाज के लिए महत्वपूर्ण रहा

  • प्रेरणा: उनका जीवन यह दिखाता है कि समर्पण और कड़ी मेहनत से पारंपरिक कलाओं और संस्कृति को आधुनिक समय में भी सुरक्षित रखा जा सकता है. 

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