Ganja Smuggling: महासमुंद पुलिस के सामने बुधवार को अंतरराज्यीय गांजा तस्करों की घोर चालाकी धरी रह गई और कानून के शिकंजे में आ गए. महासमुंद जिले की एंटी नार्कोटिक्स टॉस्क फोर्स (Anti-Narcotics Task Force) और कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एंबुलेंस में गांजा की बड़ी खेप ओडिशा से आने वाली है. इसके बाद पुलिस ने ओडिशा सीमा पर टेमरी बैरियर के आसपास घेराबंदी की और मुस्तैद हो गई.
टेमरी चौकी में पुलिस ने ओडिशा की ओर से ट्रैवलर्स एंबुलेंस (Travllers Ambulance) आती दिखी तो रोक लिया, जिसमें 3 लोग सवार थे. जब एंबुलेंस में सवार व्यक्तियों को उतारकर पूछताछ की गई तो वह गोलमोल जवाब देने लगे. इसके बाद पुलिस ने संदेह होने पर एंबुलेंस की तलाशी ली तो उसमें दवाई के कार्टन मिले.

दवाई के कार्टन में रखा था गांजा
जब कार्टन हटाए तो 14 सफेद प्लास्टिक की बोरी में 16 खाकी कार्टन मिले, जिसमें 5.20 क्विंटल गांजा बरामद हुआ. हर सफेद प्लास्टिक बोरी में 20-20 किलो गांजा, 16 खाकी कार्टन में 240 किलो गांजा भरा था. पूरे गांजे की कीमत लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जा रही है.
जांच में एंबुलेंस के अंदर दो और नकली नंबर प्लेट भी मिली हैं, जिनका तस्कर प्रयोग करते थे. तीनों आरोपी ओडिशा के भवानीपटना से गांजा लेकर महाराष्ट्र के नागपुर जा रहे थे. सभी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं.
गिरफ्तार आरोपी
- सागर वाघ (26) पिता गोकूल वाघ, जालना (महाराष्ट्र)
- संजीव आहिरे (45) पिता गोकूल आहिरे, औरंगाबाद (महाराष्ट्र)
- सुशील दामाड़े (20) पिता कृष्णा दामाड़े, औरंगाबाद (महाराष्ट्र)
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