विज्ञापन

छत्तीसगढ़ के 125 नक्सलियों ने डाले हथियार, हैदराबाद में 130 का सामूहिक आत्मसमर्पण

Naxal Surrender की बड़ी खबर सामने आई है. हैदराबाद में 130 नक्सलियों ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के सामने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें से 125 छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं. बड़ी संख्या में आधुनिक हथियार भी सुरक्षाबलों को सौंपे गए हैं.

130 Naxals Surrender: देश में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर केंद्र सरकार की तय समय सीमा 31 मार्च 2026 अब नजदीक आ गई है. हर बीतते दिन के साथ नक्सलवाद के खात्मे का काउंटडाउन कम होता जा रहा है और इसी के साथ सुरक्षाबलों का अभियान भी तेज होता दिख रहा है. लगातार चल रही कार्रवाई का असर यह है कि जहां एक तरफ मुठभेड़ों में नक्सली मारे जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर भी कर रहे हैं.

इसी क्रम में शनिवार को हैदराबाद में 130 नक्सलियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया. इन सभी ने A. Revanth Reddy, मुख्यमंत्री Telangana के सामने हथियार डाल दिए. इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. 

130 Naxals Surrender in Hyderabad Before Telangana CM Revanth Reddy, 125 From Chhattisgarh

130 Naxals Surrender in Hyderabad Before Telangana CM Revanth Reddy, 125 From Chhattisgarh

जानकारी के मुताबिक सरेंडर करने वाले 130 नक्सलियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, 4 तेलंगाना के और 1 आंध्र प्रदेश का बताया जा रहा है. इनमें नक्सली संगठन के कई अहम पदों पर कार्यरत सदस्य भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि सरेंडर करने वालों में स्टेट कमेटी, डिविजनल कमेटी और एरिया कमेटी के सदस्य भी हैं, जो संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे.

आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार भी सुरक्षाबलों को सौंपे. इनमें इंसास एलएमजी राइफल, एके-47 राइफल, इंसास राइफल और एसएलआर राइफल जैसे हथियार शामिल बताए जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इतनी बड़ी संख्या में हथियारों का एक साथ जमा होना अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. 

130 Naxals Surrender in Hyderabad Before Telangana CM Revanth Reddy, 125 From Chhattisgarh

130 Naxals Surrender in Hyderabad Before Telangana CM Revanth Reddy, 125 From Chhattisgarh

सरेंडर के बाद मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने कहा कि Mahatma Gandhi के देश में हिंसक और सशस्त्र आंदोलन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार पुनर्वास और बेहतर जीवन की व्यवस्था कर रही है.

केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा तय की है. जैसे-जैसे यह तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे नक्सलियों के सरेंडर की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं. हाल ही में नक्सल संगठन के टॉप नेताओं में शामिल देवजी के आत्मसमर्पण की खबर भी सामने आई थी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अब संगठन के गिने-चुने नेता ही बचे हैं, जो लगातार दबाव के चलते इधर-उधर छिपते फिर रहे हैं.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com