दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. उन्होंने कहा- उपचुनाव का परिणाम दुखद है, यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. पार्टी इस पर मंथन कर रही है.
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है. पार्टी ने उपचुनाव मे जिन्हें उम्मीदवार बनाया था, वे सभी समर्पित कार्यकर्ता हैं. उपचुनाव में भाजपा की हार पर कांग्रेस की ओर से की जा रही बयानबाजी पर मिश्रा तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा-भाजपा को कांग्रेस के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है. खुद 70 चुनाव हार चुके राहुल गांधी हमें नसीहत न दें.
'30 साल विधायक, 15 साल मंत्री, पार्टी और कितना देगी'
मंच पर भावुक होने के सवाल उन्होंने कहा– टिकट कटने के कारण मैं भावुक नहीं हुआ था, कार्यकर्ताओं के स्नेह और समर्थन के कारण ऐसा हुआ था. पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है; मैं 30 साल विधायक रहा और 15 साल मंत्री रहा, अब पार्टी मुझे और कितना देगी. उन्होंने कहा कि पार्टी दूर की सोच रखती है, इसी के चलते आशुतोष तिवारी को टिकट दिया गया था. वे पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं. दतिया जिले से आते और बेहद छोटे परिवार से आते हैं. अपना पूरा जीवन उन्होंने पार्टी को दिया है.
क्या रहा उपचुनाव का परिणाम?
दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त 2026 को घोषित हुए, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने जीत दर्ज की है. उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के अंतर से हराया- घनश्याम सिंह को 66,757, आशुतोष तिवारी को 60,741 और आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव को 22,527 वोट मिले.
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