- देवगढ़ गांव में दशावतार मंदिर स्थित है.
- देवगढ़ गांव प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर है.
- इसकी खूबसूरती विदेशियों को भाती हैं.
Smallest Village in MP: भारत में कई खूबसूरत गांव हैं, जो दुनियाभर में अपनी सुंदरता के लिए मशहूर हैं. इन खूबसूरत गांवों के सामने कई शहरों की सुंदरता भी फीकी पड़ जाती है. भारत का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भी एक ऐसा ही गांव है, जिसकी प्राकृतिक खूबसूरती से आगे शहरों की चकाचौंध भी फीकी पड़ जाती है. यह प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर है. हम जिस गांव की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश का (MP Small Village) का सबसे छोटा गांव देवगढ़ है. छिंदवाड़ा जिले के देवगढ़ गांव प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ प्राचीन स्थापत्य कला को भी अपने में समेटे हुए है.
देवगढ़ गांव क्यों है खास?
एमपी का सबसे छोटा गांव देवगढ़ छिंदवाड़ा जिले में स्थित है. ये बेतबा नदी के किनारे बसा हुआ है. यहां बहने वाली बेतवा नदी इस गांव की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है. देवगढ़ गांव काफी प्राचीन है और यहां खंडहर और कई किले भी मौजूद हैं. वहीं देवगढ़ किले में गोंड आदिवासी की संस्कृति और मुगल वास्तुकला का शानदार मिश्रण देखने को मिलता है. यहां के मुख्य आकर्षणों में दरबार हॉल, नक्काशीदार द्वार और 'मोती टांका' नामक एक प्राचीन जलाशय शामिल है.
गांव की सुंदरता में चार चांद लगाती बेतवा नदी
इतिहासकारों के अनुसार, 18वीं सदी में देवगढ़ गोंड साम्राज्य के राजा राजा जाटवा शाह की राजधानी हुआ करता था. इसलिए इस गांव में एक से बढ़कर एक भव्य मंदिर और खूबसूरत किले मौजूद हैं. इतिहासकारों के अनुसार, देवगढ़ गांव काफी प्राचीन है और यह 650 मीटर ऊंची एक पहाड़ी पर स्थित है. इस गांव में बहने वाली बेतवा नदी यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाती है. बता दें कि इस गांव की खूबसूरती को देखने के लिए सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेश से भी यहां आते हैं. इस गांव में होमस्टे की सुविधा भी है. यहां ठहरने का खर्च भी ज्यादा नहीं है.
कभी गोंड साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था देवगढ़ गांव
देवगढ़ गांव अपने समृद्ध ऐतिहासिक महत्व के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां के देवगढ़ किला को बड़े चट्टानी पहाड़ों को काटकर बनाया गया है. जानकारों के अनुसार, गोंड साम्राज्य के दौरान ये किला सबसे सुरक्षित माना जाता था. इस किले तक आने के लिए एक भूमिगत मार्ग भी बनाया गया था, जो देवगढ़ को नागपुर से जोड़ता था. कहा जाता है कि हमले के दौरान राजा और रानी को सुरक्षित एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए इस मार्ग को बनाया गया था. बता दें कि मध्य प्रदेश के देवगढ़ गांव की आबादी लगभग 850 है और यह छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर मोहखेड़ विकासखंड में स्थित है.
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