आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दो स्थानीय आतंकवादियों की तलाश के लिए जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में शनिवार रात चला सेना का ऑपरेशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी है. सेना के अधिकारियों ने बताया कि दोनों आतंकवादियों को एक घने बाग में घेर लिया गया है. अब आतंकियों का बच निकलना बेहद मुश्किल है.
कैसे नजर में आए आतंकी?
सेना के अधिकारियों ने बताया कि दोनों आतंकवादियों को शुक्रवार को मीमंदर इलाके के एक बाग में निगरानी कैमरों के जरिए देखा गया था. इसके बाद सात गांवों वाले इस इलाके में उन्हें पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कई टुकड़ियों की एक संयुक्त टीम ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और शाम तक चार गांवों को खाली करा लिया गया.
कौन हैं छिपे हुए आतंकी?
आतंकवादियों की पहचान लतीफ और जाकिर के तौर पर हुई है. सेना के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने उनके पास आ रहे सेना के जवानों पर गोलीबारी की जिसके जवाब में सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई. अधिकारियों ने बताया कि सेना की एक विशेष इकाई 'विक्टर फोर्स' ने बाग की घनी झाड़ियों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है. इलाके में रोशनी के प्रबंध किए गए हैं.
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सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं. जाकिर के बारे में बताया जाता है कि वह 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है, जबकि लतीफ पिछले साल इसमें शामिल हुआ था. शोपियां ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला से जोड़ने वाला एक अहम आवागमन गलियारा रहा है.
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