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14 साल बाद गिरफ्त में आया उम्रकैद का दोषी; पैरोल लेकर हुआ था फरार, एमपी पुलिस ने अहमदाबाद से दबोचा

मध्य प्रदेश पुलिस ने 14 साल से फरार चल रहे आजीवन कारावास के दोषी को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है. आरोपी उमेश चंद्र मौर्य साल 2012 में पैरोल पर जेल से बाहर आया था और वापस नहीं लौटा.

14 साल बाद गिरफ्त में आया उम्रकैद का दोषी; पैरोल लेकर हुआ था फरार, एमपी पुलिस ने अहमदाबाद से दबोचा

MP Police Crime News: मध्य प्रदेश पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा और पिछले 14 साल से फरार चल रहा दोषी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है. भोपाल की निशातपुरा थाना पुलिस ने लंबे समय से तलाश में जुटी टीम की मेहनत से आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद फरार हो गया था.

निशातपुरा पुलिस को बड़ी सफलता

भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र की पुलिस टीम को इस कार्रवाई में बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने आजीवन कारावास से दंडित और उद्घोषित अपराधी उमेश चंद्र मौर्य को अहमदाबाद से दबोच लिया. आरोपी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उसकी तलाश कई वर्षों से की जा रही थी.

पैरोल से हुआ था फरार

पुलिस के अनुसार, उमेश चंद्र मौर्य साल 2012 में पैरोल पर जेल से बाहर आया था. इसके बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया. तभी से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था. भोपाल की अदालत और जबलपुर हाईकोर्ट से उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी था.

मुंबई से अहमदाबाद तक छिपता रहा

जांच में सामने आया है कि आरोपी 2012 से 2016 के बीच मुंबई में छिपकर रहा. इसके बाद उसने गुजरात के अहमदाबाद को अपना ठिकाना बना लिया. वह घनी आबादी वाले इलाकों में रहकर अपनी पहचान छुपाता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो.

पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी चेहरे पर कपड़ा बांधकर फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करता था. इस तरह वह लोगों की नजरों से बचा रहता था और कोई उसे पहचान न सके. यही वजह रही कि इतने सालों तक वह पुलिस से बचता रहा.

भोपाल के वकील से संपर्क की जानकारी

पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी बताया है कि उसका भोपाल के एक वकील से संपर्क था. इस जानकारी के आधार पर पुलिस अब उस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं फरारी में उसे कोई कानूनी मदद तो नहीं मिली.

2006 में भाभी की जलाकर की थी हत्या

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उमेश चंद्र मौर्य के खिलाफ साल 2006 में निशातपुरा थाने में हत्या का मामला दर्ज था. आरोपी ने अपनी भाभी को जलाकर हत्या कर दी थी. इसी मामले में उसे अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. फिलहाल निशातपुरा पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाने की प्रक्रिया में जुटी है. भोपाल लाने के बाद उससे आगे पूछताछ की जाएगी और कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी.  

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