मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 12 जिलों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. प्रदेश की मोहन सरकार ने 'मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट एक्ट' के तहत एक नए और बेहद पावरफुल प्रशासनिक ढांचे 'मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी' को हरी झंडी दे दी है. इस नए महाप्लान से 12 जिलों के 5,303 से गांवों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी.
'मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी' की खास बात यह है कि इसकी कमान सीधे मुख्यमंत्री के हाथों में होगी. सीएम डॉ. मोहन यादव मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रमुख होंगे, जबकि एक IAS अधिकारी सचिव के रूप में इसकी कमान संभालेंगे. इस संस्था को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासनिक, फाइनेंस और टेक्निकल विभागों में करीब 500 नए पदों पर भर्तियां की जाएंगी. जिसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
सर्वे का काम पूरा
प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के तहत भोपाल- इंदौर और उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन का सर्वे पूरा कर लिया है. जिसके तहत प्रदेश के 12 जिलों को दो रीजन में बांटा गया है.
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किस रीजन में प्रदेश के कौन से जिले?
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में राजधानी भोपाल के अलावा सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम के 2,523 गांव शामिल होंगे. जबकि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन में इन दोनों जिलों के अलावा धार, देवास, रतलाम और शाजापुर जिलों के 2,781 गांवों को शामिल किया जाएगा.
क्या काम करेगी नई अथॉरिटी?
यह नई अथॉरिटी जिलों के नगर निगमों और नगर पालिकाओं के साथ मिलकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, शानदार सड़कें, वॉटर सप्लाई, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सीवरेज, इंडस्ट्रियल और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग कर उन्हें जमीन पर उतारेगी.
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