1975 की सुपरहिट फिल्म शोले में जेलर का किरदार निभाने वाले अभिनेता असरानी का दमदार डायलॉग है. 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं, आजकल के जेलरों की तरह नहीं, जो कैदियों को सुधारने की फिक्र में लगे रहते हैं. हां... हम अच्छी तरह जानते हैं तुम लोग कभी नहीं सुधर सकते हो. अरे, जब हम नहीं सुधर सके, तो तुम क्या सुधरोगे?' लेकिन, फिल्मी दुनिया से इतर, मप्र के खंडवा जिले में मौजूद अंग्रेजों के जमाने की जेल में कैदियों को सुधारने की ही नहीं, उन्हें नई दिशा देने की दिलचस्प खबर सामने आई है.

खंडवा जेल में बंदियों को संगीत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
अपनी पसंद का हुनर सीख रहे बंदी
बंदी अपनी पसंद के हिसाब से संगीत सीख रहे हैं, कोई वाद्य यंत्र बजाना सीख रहा है तो कोई अपनी आवाज में गुनगुना रहा है. इस प्रयोग का मकसद बंदियों को सिर्फ संगीत सिखाना नहीं, बल्कि उनके भीतर सकारात्मक बदलाव लाना भी है.
-
NDTV World Summit 2026: पाकिस्तान और आतंकवाद के सवाल पर क्या बोले एस. जयशंकर? -
भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया, आंदोलनों के पीछे अक्सर बाहरी ताकतें- एस जयशंकर -
S Jaishankar EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026: 26/11 के जिक्र पर अमेरिका को जयशंकर का जबरदस्त जवाब -
'लोग ट्रैवल करते रहेंगे, दुनिया घूमना मुश्किल नहीं' - NDTV World Summit 2026 में बोले जुबिन करकारिया -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | Marco Rubio से मुंबई में मुलाकात पर घिरे S Jaishankar, विपक्ष को दिया जवाब -
S Jaishankar EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026: Semiconductor Mission पर एस जयशंकर क्या कुछ बोले? -
एलन मस्क की उड़ने वाली गाड़ी नहीं, इस कार को पसंद करते हैं रेमंड चीफ गौतम सिंघानिया, खुद बताया कारण -
कंपनी को बचाने में खो दिया परिवार का बड़ा हिस्सा, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने बयां किया दर्द -
'2022 के संकट में भारत हमारे साथ खड़ा रहा'- NDTV World Summit में बोले श्रीलंका के मंत्री चतुरंगा अबेसिंघे -
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह

कोरे कागज पर रंग भी भर रहे कैदी.
संगीत बंदियों के लिए दूसरा मौका
जेल में संगीत की शिक्षा दे रहे प्रशिक्षक दुष्यंत सोनी NDTV से बात करते हुए कहते हैं- यहां कोई तबला तो कोई हारमोनियम, ढोलक और झांझ बजाना सीख रहा है तो कोई गुनगुना. यह सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं है. संगीत बंदियों के लिए दूसरा मौका बन सकता है. जो भी कारण रहे हों, अगर किसी ने गलत रास्ता चुना तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके लिए सारे रास्ते बंद हो गए. संगीत के जरिए उन्हें यही समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि जो हुआ सो हुआ, भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है.
ये भी पढ़ें- MP की जेलों में होगी हार्डकोर अपराधियों के दिमाग की जांच; क्राइम क्यों दोहराते हैं मिलेगा जवाब; जानिए प्लान
जेल अधीक्षक डीके सारस ने बताया मकसद
ये वीडियो भी देखिए...
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं