पूरी दुनिया में मौजूदा उथल-पुथल के दौर में मानसिक शांत से लेकर विश्व की शांति कितनी जरूरी है इसपर भोपाल में चर्चा हुई है. व्यक्ति की शांति से आत्म जागरूकता के जरिए विश्व शांति का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए भोपाल में Healing for World Peace 2.0 का सफल आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य आध्यात्मिक एवं सामूहिक पहल और व्यक्तिगत शांति को बढ़ावा देना था. कार्यक्रम की केंद्रीय थीम ‘जीव-जगत-जगदीश्वर' रही, जिसने मानव, प्रकृति और परम चेतना के आपसी संबंध को समझने की कोशिश की गई.
कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आध्यात्मिक विधाओं का समन्वय देखने को मिला. 360-डिग्री इमर्सिव विजुअल अनुभव, हेडफोन-आधारित ऑडियो, योग, एनर्जी हीलिंग और कथा-जैमिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को ध्यान, आत्मचिंतन और आंतरिक शांति से जुड़ने का अवसर मिला.

इस आयोजन में ऊर्जा गुरु आयुष गुप्ता, योगिनी आरविका गुप्ता और कथावाचिका पलक किशोरी भी उपस्थित थीं. कार्यक्रम के जरिए ये संदेश दिया गया कि विश्व शांति की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति के भीतर शांति स्थापित करने से होती है. जब व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहार में संतुलन विकसित करता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार, समाज और व्यापक मानव समुदाय तक पहुंच सकता है. Healing for World Peace 2.0 ने विभिन्न स्थानों और देशों से जुड़े प्रतिभागियों को शांति, ध्यान और आत्म-अन्वेषण के साझा उद्देश्य से जोड़ने का प्रयास किया है.
आयोजकों ने कहा कि वो भोपाल को ध्यान, आध्यात्मिकता, आत्म-अन्वेषण और विश्व शांति के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं. आयोजकों ने कार्यक्रम के प्रति सहयोग और समर्थन के लिए दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के CMD एवं चेयरमैन दिलीप सूर्यवंशी तथा SAGE University के संजीव अग्रवाल सहित सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों और समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया.
Healing for World Peace 2.0 का मूल संदेश स्पष्ट रहा, शांति की शुरुआत स्वयं से होती है. जब हम अपने भीतर शांति, करुणा और सकारात्मकता विकसित करते हैं, तभी एक अधिक संवेदनशील, संतुलित और शांतिपूर्ण विश्व की दिशा में सार्थक कदम बढ़ा सकते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं