सुल्तानपुर की एक विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने मानहानि मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बरी कर दिया है. मामला तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा था. अदालत का फैसला आने के बाद कोर्ट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया. उन्होंने ढ़ोल बजाते हुए डांस किया और अपनी खुशी जताई.
राहुल गांधी के वकील ने कहा कि दूसरा पक्ष कोर्ट में अपना आरोप साबित नहीं कर पाया. इसके बाद कांग्रेस नेता को बाइज्जत बरी कर दिया.

सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी विजय मिश्रा ने राहुल गांधी की टिप्पणी से आहत होने का हवाला देते हुए सुल्तानपुर की अदालत में उनके खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था. इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने 16 दिसंबर 2023 को राहुल गांधी को भी तलब किया था. इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए थे और उन्हें जमानत मिली थी.
2024 में राहुल गांधी को मिली थी जमानत
फरवरी 2024 में सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दी थी. उस समय भी राहुल गांधी ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था. इसके बाद मामले में बयान और अन्य न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ी थी. फिर साक्ष्य संबंधी कार्यवाही पूरी होने के बाद अदालत ने अंतिम बहस के लिए मामला तय किया था.
बाद में विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल की तुलना कराने की मांग की थी. हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद सेशन कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अदालतों के फैसलों को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था.
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