- मध्य प्रदेश के हरदा जिले में गंजालेश्वर आश्रम से चोरी हुई पांच गायों की मौत का आरोपी 5 महीने बाद गिरफ्तार हुआ.
- आरोपी केवलराम ने जेल में अपने साथी को पूरी घटना बताई थी जिससे पुलिस को सूचना मिली और गिरफ्तारी संभव हुई.
- पांचों गायों को रेलवे ट्रैक पर बांधकर ट्रेन की चपेट में आने से उनकी दर्दनाक मौत हुई थी.
एमपी के हरदा जिले में पांच गायों की दर्दनाक मौत से जुड़े मामले में पुलिस ने करीब पांच महीने बाद बड़ी सफलता हासिल की है. टिमरनी थाना क्षेत्र में गंजालेश्वर आश्रम से गायों को चोरी कर रेलवे ट्रैक पर बांधने और उनकी मौत का आरोपी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी की करतूत का खुलासा किसी जांच या तकनीकी सुराग से नहीं, बल्कि उसके ही जेल में बंद एक साथी के जरिए हुआ. आरोपी ने जेल में अपने साथी को पूरी घटना बताई थी और जब वह साथी जमानत पर बाहर आया तो उसने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
आश्रम से चोरी हुई थीं पांच गायें
यह मामला 26 अप्रैल 2026 का है. टिमरनी थाना क्षेत्र स्थित गंजालेश्वर आश्रम से पांच गोवंशीय पशु अचानक गायब हो गए थे. शुरुआती जांच में पता चला कि गायों को आश्रम से चोरी कर ले जाया गया था. कुछ समय बाद उनकी मौत की खबर सामने आई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चोरी की गई पांचों गायों को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर बांध दिया था. इसके बाद वहां से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आने से सभी गायों की मौत हो गई. घटना बेहद संवेदनशील थी, इसलिए इसके सामने आते ही लोगों में भारी नाराजगी फैल गई.
हिंदू संगठनों ने किया था विरोध
गोवंश की मौत के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया था. संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई थी. मामले ने सामाजिक और धार्मिक स्तर पर भी काफी चर्चा बटोरी, जिसके बाद पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था.
जेल में साथी को बताई पूरी कहानी
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी केवलराम एक बछड़े की हत्या के मामले में जेल में पहुंचा. उसने जेल में बंद अपने एक साथी को इस घटना के बारे में बताया. वह साथी हत्या के एक मामले में जेल में बंद था. बातचीत के दौरान केवलराम ने गोवंश को रेलवे ट्रैक पर बांधने की बात उसे बता दी. बाद में जब वह साथी जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने यह जानकारी पुलिस तक पहुंचा दी.
पहले से था पुलिस को शक
एडिशनल एसपी अमित कुमार मिश्रा के मुताबिक पुलिस को शुरू से ही केवलराम पर संदेह था. गोवंश की मौत के बाद जांच के दौरान पुलिस का डॉग स्क्वॉड भी केवलराम के घर के आसपास तक पहुंचा था. हालांकि उस समय पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी. आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा.
पांच महीने बाद आरोपी गिरफ्तार
जेल से बाहर आए व्यक्ति की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाया और आरोपी केवलराम को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भूमिका का भी पता लगाया जा सके. पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की है.
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