- फर्जी एक्सपीरियंस लेटर दिखाकर बन गया कंपनी का वाइस प्रेसिडेंट
- 2.80 लाख महीने की नौकरी कर रहा था, अब पुलिस ने दबोचा
- ऑटोमोबाइल कंपनी में फर्जी दस्तावेजों से हासिल की बड़ी पोस्ट
ग्वालियर में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक युवक ने कथित तौर पर नकली अनुभव प्रमाण पत्रों के सहारे ऑटोमोबाइल कंपनी में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट की नौकरी हासिल कर ली. आरोपी ने लैंडमार्क समूह में काम करने का फर्जी अनुभव दिखाकर कंपनी का भरोसा जीता और उच्च पद पर नियुक्ति पा ली. इतना ही नहीं, वह हर महीने 2 लाख 80 हजार 670 रुपये वेतन भी लेता रहा. मामले का खुलासा होने के बाद अपराध शाखा ने आरोपी को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है.
फर्जी दस्तावेजों के सहारे हासिल की बड़ी नौकरी
ग्वालियर पुलिस के अनुसार आरोपी ने श्रीतुलजा भवानी ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए आवेदन किया था. आरोप है कि उसने आवेदन के दौरान लैंडमार्क समूह में पूर्व नौकरी का अनुभव दर्शाते हुए कई दस्तावेज जमा किए. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसे कंपनी में वरिष्ठ पद पर नियुक्ति मिल गई.
जांच में खुली जालसाजी
मामले की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने लैंडमार्क समूह में कभी नौकरी ही नहीं की थी. पुलिस के अनुसार उसने तीन फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर कंपनी को गुमराह किया. जांच में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया.
हर महीने ले रहा था 2.80 लाख रुपये से ज्यादा वेतन
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी कंपनी में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत था और प्रतिमाह 2 लाख 80 हजार 670 रुपये वेतन प्राप्त कर रहा था. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल की गई इस नौकरी के जरिए वह लंबे समय से कंपनी में काम कर रहा था.
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
ग्वालियर क्राइम ब्रांच के निरीक्षक अमित शर्मा ने बताया कि आरोपी देवेन्द्र कुमार पुत्र रामनरेश कुमार दुबे, निवासी वैष्णवी कुटी, पनकी, कानपुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रकरण दर्ज होने के बाद अपराध शाखा की टीम लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी.
कानपुर से दबोचा गया आरोपी
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कानपुर में मौजूद है. इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ग्वालियर लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी.
फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की भी होगी जांच
पुलिस का कहना है कि जांच केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी. यह भी पता लगाया जाएगा कि फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज किसने तैयार किए, क्या इसमें कोई संगठित गिरोह शामिल है और क्या आरोपी ने अन्य स्थानों पर भी इसी तरीके से नौकरी हासिल करने का प्रयास किया था.
पूछताछ में खुल सकते हैं और राज
अपराध शाखा के अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से फर्जी दस्तावेज तैयार कराने तथा नौकरी हासिल करने से जुड़े सभी पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी.
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