ग्वालियर में बांग्लादेशी घुसपैठियों की एक नई करतूत का खुलासा हुआ है. इन घुसपैठियों ने पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया में बड़ी सेंध लगा दी. लंबी जांच के बाद सामने आया कि डबरा के सिमरिया टेकरी की बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते पर फर्जी दस्तावेजों से 20 पासपोर्ट बनवाए गए. ये सभी पासपोर्ट बांग्लादेशियों के नाम पर जारी किए गए.
2021 से चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल
पासपोर्ट को लेकर किए इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी समेत दो लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है, उन्हें पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है. पूछताछ में अब तक 20 से ज्यादा फर्जी पासपोर्ट का खुलासा हुआ है.
पहली फर्जी दस्तावेज फिर बनवाया पासपोर्ट
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले ऑनलाइन आवेदन कर मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाया. इसमें उन्होंने बौद्ध परंपरा के अनुसार, अपना बदला हुआ बौद्ध नाम लिखा. इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने आधार कार्ड बनवाया और फिर पासपोर्ट भी बनवा लिया. इस खुलासे के बाद पासपोर्ट को लेकर सत्यापन करने वाली डबरा पुलिस भी संदेह के घेरे में है. सवाल उठा रहा है कि आखिर पुलिस ने सत्यापन में यह गड़बड़ी क्यों नहीं पकड़ी.
सांठगांठ से चल रहा था पूरा खेल
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लापरवाही पर उठे सवाल
इस मामले के खुलासे के बाद अब सियासत भी शुरू हो गई है. बजरंग दल और कांग्रेस ने इस बड़ी लापरवाही पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस विधायक विधायक सुरेश राजे ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है. इतना सब कुछ जब हो रहा था, तब सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही थीं.
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