छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैयां गांव में 1 फरवरी 2026 की देर शाम मूर्ति खंडित करने के मामले में जमानत पर बाहर आए आरोपियों ने गांव के युवकों पर हमला कर दिया. इससे गांव वाले भड़क गए, उन्होंने आरोपियों के घरों को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण झड़प हुई. फिलहाल गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है.
ग्रामीणों का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी आरिफ, सलीम और इमरान लगातार उन लोगों को निशाना बना रहे थे, जिन्होंने मंदिर मामले में पुलिस को गवाही दी थी. जमानत पर छूटने के बाद पिछले कई दिनों से आरोपियों की गुंडागर्दी चरम पर थी. एक फरवरी को तीनों आरोपियों ने जब गांव के ही 5-6 युवकों पर हथियारों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया, युवक गंभीर रूप से घायल होने पर गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरोपियों के मोहल्ले पर धावा बोल दिया.

पुलिस ने ढाल बनकर बचाई जान, झेले पत्थर और लाठियां
इके बाद हालात इतने बेकाबू हुए कि भीड़ आरोपियों के परिवार को निशाना बनाने पर तुली थी. लेकिन, पुलिस प्रशासन ने आरोपी पक्ष के परिवार और महिलाओं को बचाने के लिए जी-जान लगा दी. कई घंटों तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच लुका-छिपी और संघर्ष चलता रहा. इस दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और लाठियां भी बरसाईं, लेकिन जवानों ने मानव श्रृंखला बनाकर आरोपियों के घर की महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इस दौरान रायपुर आईजी और गरियाबंद एसपी ने खुद मोर्चा संभाले रखा.

देर रात काबू में आए हालात, आरोपी गिरफ्तार
सैकड़ों जवानों की तैनाती और अधिकारियों की समझाइश के बाद देर रात स्थिति नियंत्रण में आई. पुलिस ने मुख्य आरोपी आरिफ, सलीम और इमरान को गिरफ्तार कर लिया है. झड़प में कई ग्रामीण और छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है. फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति है, भारी सुरक्षा बल तैनात है. 2 फरवरी 2026 की सुबह से ही गांव पूरी तरह छावनी में तब्दील है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बल के जवान मौजूद हैं. घरों की छतों पर भी पुलिस कर्मी तैनात हैं.
हिंसा की गवाही देती और तस्वीरें...



छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में सांप्रदायिक हिंसा, 6 जवान घायल, आगजनी के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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