गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में पैरी नदी पर देहारगुड़ा-खामभाठा के बीच बन रहा पुल कई साल भी अूधरा है. पुल न होने के कारण पूरे क्षेत्र के लोगों को परेशानी होती है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा उस समय होता है जब, स्कूली बच्चे बैग लेकर करीब 20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी से चढ़ते-उतरते हैं. इस दौरान हमेशा हादसे का डर लगा रहता है
शुक्रवार 11 सतिंबर की शाम भारी बारिश के बीच गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और पुल का निरीक्षण किया. इस दौरान बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और ठेकेदार भी मौजूद रहे.
कलेक्टर ने ठेकेदार को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ठेकेदार और अधिकारियों को पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाने और छह कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया. ऐसे में मैनपुर क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही पुल बनने की कवायद शुरू हो सकती है.
सीएम ने कलेक्टर से कॉल पर की बात
पांच साल से अटका है काम
दरअसल, गरियाबंद की पैरी नदी पर बन रहे पुल का काम पांच साल से अटका हुआ है. आम दिनों में मैनपुर क्षेत्र के लोग जैसे-तैसे अपना काम चला लेते हैं, लेकिन बारिश में यह समस्या विकराल हो जाती है. नदी का जलस्तर बढ़ने से स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. बच्चे स्कूल बैग लेकर करीब 20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी से चढ़ते और उतरते हैं. नीचे उफनती नदी और निर्माणाधीन पुल का ढांचा होने के कारण हमेशा डर रहता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए.
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