Ek Ped Maa Ke Naam 2.0: विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day 2026) के मौके पर आज मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई. राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान का शुभारंभ करेंगे. इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के मुद्दों को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी. ‘इंस्पायर्ड बाय नेचर, फॉर क्लाइमेट एंड फॉर अवर फ्यूचर' थीम पर आयोजित इस समारोह में प्रदेशभर से आए पर्यावरणविद, जनप्रतिनिधि, छात्र और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा.
आठ श्रेणियों में 11 पर्यावरण पुरस्कार
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा. कुल 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार दिए जाएंगे. इनमें औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और व्यक्तिगत स्तर पर काम कर रहे लोगों को वर्ष 2024-25 के लिए सम्मानित किया जाएगा.
जल संरक्षण और सर्कुलर इकॉनॉमी पर जोर
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्कुलर इकॉनॉमी से जुड़े 5 कोर्स मॉड्यूल्स का भी विमोचन किया जाएगा. साथ ही एप्को और इन्टैक द्वारा चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के दस्तावेज भी जारी किए जाएंगे. कार्यक्रम में जल संरक्षण, नवाचार और पर्यावरणीय प्रयासों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है.
एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान की खासियत
इस अभियान के तहत आम नागरिकों, स्कूल-कॉलेजों, उद्योगों, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा. लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग कर उन्हें ‘Meri LiFE' पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा, ताकि उनके संरक्षण और निगरानी को सुनिश्चित किया जा सके. गौरतलब है कि पिछले वर्ष शुरू हुए इस अभियान में प्रदेशभर में करोड़ों पौधे लगाए जा चुके हैं. इस साल यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक चलाया जाएगा.
जिला स्तर तक होंगे कार्यक्रम
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज से प्रदेश के सभी जिलों में अलग-अलग कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है. इसमें जागरूकता रैलियां, संगोष्ठियां, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं, पौधारोपण और स्वच्छता अभियान शामिल हैं. विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी और नेहरू युवा केंद्र के साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है.
“एक पेड़-अनेक जीवन” पर फोकस
जिला स्तर पर “एक पेड़-अनेक जीवन” और “प्रकृति से प्रेरित भविष्य” जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण, जैव विविधता और स्वच्छता का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा.
एक्सपर्ट्स रखेंगे विचार
कार्यक्रम में पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे. इस पर चर्चा होगी कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है.
जनभागीदारी से बनेगा आंदोलन
इस आयोजन के जरिए सरकार का बड़ा उद्देश्य पर्यावरणीय चेतना को मजबूत करना और लोगों को सक्रिय तरीके से जोड़ना है. “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में हरित और संतुलित पर्यावरण की ओर प्रदेश को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.
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