MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए बिजली उतनी ही आवश्यक है, जितनी मानव शरीर में प्राण. मंगलवार को समत्व भवन में 4 हजार मेगावॉट विद्युत उत्पादन के लिए बाध्यकारी पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) पर हस्ताक्षर किए गए. लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के इस निवेश को प्रदेश के स्थाई विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने अनुबंधों से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं. यह दर्शात है कि ऊर्जा क्रांति से प्रगति की ओर मध्यप्रदेश अग्रसर है.
"ऊर्जा क्रांति से प्रगति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश"
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 27, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर@DrMohanYadav51 @Energy_MPME #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/udwmLVxBFe
इनके साथ हुआ एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का समझौता
कार्यक्रम के दौरान एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले और टोरेंट पॉवर लिमिटेड के जिगिश मेहता, अदाणी पॉवर लिमिटेड के एसबी खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के रतुल पुरी के बीच समझौतों का आदान-प्रदान किया गया. नए विद्युत संयंत्र अनूपपुर जिले में डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होंगे, जिनसे लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है.
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. पीएम मित्र पार्क से उद्योग और रोजगार को नई दिशा मिलेगी. साथ ही 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देगा.
क्या फायदा होगा?
सीएम मोहन यादव ने कहा कि "ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है. आज भोपाल निवास में 4,000 मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस पहल से प्रदेश में लगभग ₹60,000 करोड़ का प्रत्यक्ष निवेश आएगा एवं 8,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा. DBFOO मॉडल पर अनूपपुर जिले में स्थापित होने वाले नए विद्युत संयंत्रों से राज्य की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ ही औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी.
- हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स: 800 मेगावॉट
- टोरेंट पॉवर लिमिटेड: 1600 मेगावॉट
- अदानी पॉवर लिमिटेड: 800 मेगावॉट
- ग्रीन शू विकल्प के तहत: अतिरिक्त 800 मेगावॉट
ऐसा है निवेश प्रस्ताव
टोरेंट 24 हजार करोड़, अदानी 24 हजार करोड़ और हिन्दुस्तान थर्मल 12 हजार करोड़. सभी संयंत्रों से विद्युत आपूर्ति वर्ष 2030 से शुरू होने की संभावना है.
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