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छत्तीसगढ़ विधानसभा: सदन में गूंजा नकटी गांव का मुद्दा, सरकार ने पेश किया आपराधिक रिपोर्ट कार्ड

प्रश्नकाल में गृहमंत्री विजय शर्मा ने 2021 से जून 2026 तक के क्राइम और जेल के आंकड़े सदन में रखे.

छत्तीसगढ़ विधानसभा: सदन में गूंजा नकटी गांव का मुद्दा, सरकार ने पेश किया आपराधिक रिपोर्ट कार्ड
छत्तीसगढ़ में कुछ कम हुए आपराधिक मामले.
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन का प्रश्नकाल समाप्त हो गया. प्रश्न काल में कांग्रेस विधायक संगीता ने पूछा कि जनवरी 2023 से जून 2026 तक प्रदेश में महिलाओं और बच्चियो के साथ दुष्कर्म, छेड़खानी, मारपीट, हत्या की कितनी सूचनाएं थानों को प्राप्त हुई? इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में बताया कि पिछली सरकार के मुकाबले आपराधिक मामलों में कमी आई है. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के ढाई वर्षों में ऐसे 18,323 मामले सामने आए थे, जबकि हमारी ढाई साल की सरकार में ये लगभग 16000 हैं.

इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में 13 महिला थाने संचालित किए जा रहे हैं. हर जिले में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) गठित किया गया है.
इसके अलावा...

  • 124 थानों को बनाया गया बालमित्र थाना.
  • POCSO मामलों की जांच तय समय-सीमा में करने का दावा.
  • स्कूल-कॉलेजों में “गुड टच-बैड टच” जागरूकता अभियान जारी.
  • अभिव्यक्ति ऐप, डायल-112 और बढ़ी गश्त का सहारा.

इस दौरान सरकार ने यह भी माना कि प्रयासों के बावजूद यौन अपराधों में कमी स्पष्ट नहीं दिखी है.

जेलों में मौतों का आंकड़ा चिंताजनक

सदन में पेश किए गए आंकड़े बेहद चिंताजनक वाले सामने आए. गृह मंत्री ने बताया कि जेल अभिरक्षा में 5 साल में (वर्ष 2021 से 25 जून 2026 तक) 375 मौतें हुई हैं. 373 मामलों में दंडाधिकारी/न्यायिक जांच के आदेश दिए है. इनके अलावा...

  • 311 जांच रिपोर्ट प्राप्त, 62 रिपोर्ट अब भी लंबित.
  • 2022 में सर्वाधिक 90 मौतें दर्ज.
  • 2026 (25 जून तक) 35 मौतें, 32 मामलों की जांच रिपोर्ट लंबित.
  • 2024 के 67 मामलों में से 3 जांच रिपोर्ट अब तक प्राप्त.

अपहरण के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी, हत्या और लूट में मिश्रित तस्वीर

प्रदेश में 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के बीच अपहरण के मामलों में तेज वृद्धि दर्ज हुई है. राजधानी रायपुर में अपहरण के 524 से बढ़कर 634 मामले दर्ज हुए, जो राज्य के किसी शहर में सबसे ज्यादा हैं. बिलासपुर में 331 से बढ़कर 438, दुर्ग में 229 से बढ़कर 365 और बलौदाबाजार में भी 202 से बढ़कर 263 मामले पहुंच गए. इसके अलावा रायगढ़ में भी किडनैपिंग के मामले तेजी से बढ़, जो 111 से बढ़कर 197 हो गए.

हालांकि, हत्या के मामलों में एक बड़े जिलों में कमी आई है. रायपुर में हत्या के मामले 85 से घटकर 84, बिलासपुर में 59 से 50, कोरबा में 51 से 46 और जशपुर में 65 से 49 रहे. हालांकि. दुर्ग में हत्या के मामले 53 से बढ़कर 60 और बलौदाबाजार में 27 से बढ़कर 40 हो गए.

लूट के मामलों में राज्यभर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. रायपुर में लूट के मामले 66 से घटकर 64, जबकि बलौदाबाजार में 15 से बढ़कर 35 हो गए. बिलासपुर में 31 से 34 और महासमुंद में 12 से 19 लूट के मामले दर्ज हुए.

हिरासत में मौतें

हिरासत में मौत के मामले में कमी आई है. पिछले कार्यकाल में कोरबा और धमतरी में 1-1 हिरासत मौत दर्ज हुई थी, जबकि वर्तमान अवधि में अधिकांश जिलों में आंकड़ा शून्य रहा.

नकटी गांव में चले बुलडोजर पर हंगामा

राजधानी रायपुर से सटे नकटी गांव में 29 जून को 77 मकानों को अवैध बताकर ढहाने का मामला सदन में भी खूब गूंजा. दोनों पक्षों की ओर से जमकर हंगामा हुआ. इस पर सरकार ने सदन में बताया कि नकटी में कार्रवाई वैधानिक और प्रशासकीय नियमों से की गई. रजनीश चंद्राकर की ओर से कलेक्टर रायपुर को अवैध अतिक्रमण की शिकायत की गई थी.

जिसके तहत पहले नोटिस दिया, इसके बाद न्यायालयीन प्रक्रिया का पालन कर बेदखली की कार्रवाई की गई. कार्रवाई से पहले सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया और प्रशासन ने विस्थापन की व्यवस्था कराई. उधर, विपक्ष ने विधानसभा स्पीकर रमन सिंह से कार्रवाई के स्थगन की अनुमति मांगी, जो नहीं दी.

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