मध्यप्रदेश ने स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है. सोमवार 29 जून को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया. करीब 2080 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं के साथ मध्यप्रदेश देश के ग्रीन एनर्जी सेक्टर में और मजबूत होकर उभरा है. सबसे बड़ी बात यह है कि नीमच सोलर पार्क से उत्पादित बिजली की दर 2.14 रुपये प्रति यूनिट तय हुई है, जो देश की सबसे कम दरों में शामिल है. सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन में अहम भूमिका निभाएगा.
नीमच और शाजापुर को मिली मेगा सोलर परियोजनाओं की सौगात
नीमच में आयोजित कार्यक्रम में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क को औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया गया. दोनों परियोजनाओं पर कुल लगभग 2080 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य बढ़ती बिजली मांग को पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करना और प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को बढ़ाना है. इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश की बिजली व्यवस्था को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी और परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी.

Cheapest Electricity: नीमच सोलर पार्क एरियल व्यू
2.14 रुपये प्रति यूनिट बिजली ने बनाया नया रिकॉर्ड
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बिजली उत्पादन की दर रही. नीमच सोलर पार्क की विभिन्न इकाइयों में बिजली की टैरिफ दरें इस प्रकार तय हुई हैं.
- यूनिट-1 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट
- यूनिट-2 : 2.14 रुपये प्रति यूनिट
- यूनिट-3 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट

Solar Park MP: मध्य प्रदेश का सोलर पार्क
इस परियोजना से उत्पादित बिजली 2.14 रुपये प्रति यूनिट की दर पर उपलब्ध होगी, जो देश में सबसे कम दरों में शामिल है. शाजापुर सोलर पार्क में भी बिजली दर 2.33 से 2.35 रुपये प्रति यूनिट के बीच रही है.

Cheapest Electricity: मध्य प्रदेश का बड़ा पावर प्रोजेक्ट गांधीनगर में हो रहा तैयार
ग्रीन एनर्जी का नया केंद्र बन रहा है नीमच
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नीमच अब केवल मध्यप्रदेश का नहीं बल्कि ग्रीन पावर सेक्टर का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले में पहले से 675 मेगावॉट क्षमता की सौर परियोजनाएं संचालित हैं. इसके अलावा लगभग 1952 मेगावॉट क्षमता की नई परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में नीमच देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा क्लस्टरों में शामिल हो सकता है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री @JoshiPralhad की गरिमामयी उपस्थिति में नीमच में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹2080 करोड़ लागत के 500 MW नीमच एवं 450 MW शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) June 29, 2026
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ₹1553.98 करोड़… pic.twitter.com/0SKh01saQT
सोलर ग्लास प्लांट से मिलेगा औद्योगिक विस्तार
कार्यक्रम में 1200 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले सोलर ग्लास निर्माण संयंत्र का भूमिपूजन भी किया गया. यह परियोजना सौर पैनल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विशेषज्ञों के अनुसार सोलर ग्लास उत्पादन से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत होगी. इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
मुरैना में पहली सोलर स्टोरेज परियोजना
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के अनुसार मुरैना में 440 मेगावॉट क्षमता वाली प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना विकसित की जा रही है. इस परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर प्राप्त हुई है. इसकी विशेषता यह है कि सूर्यास्त के बाद भी संग्रहित ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी.
MP में तेजी से बढ़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता में लगभग 30 प्रतिशत योगदान क्लीन एनर्जी का हो चुका है. मध्यप्रदेश ने अब तक 12,018 मेगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है. राज्य के रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना और अब नीमच-शाजापुर सोलर पार्क जैसी परियोजनाएं प्रदेश को ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं.
औद्योगिक विकास को भी मिलेगी रफ्तार
नीमच कार्यक्रम के दौरान 1553.98 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया गया. सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा और औद्योगिक निवेश का यह संयोजन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा. नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन को उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम जारी है.
पंप स्टोरेज परियोजना भी बनेगी गेमचेंजर
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि नीमच क्षेत्र में विकसित हो रही गांधी सागर पंप स्टोरेज परियोजना देश की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल होगी. उनके अनुसार दुनिया में सोलर एनर्जी का सबसे कम टैरिफ 2.14 पैसे प्रति यूनिट मध्यप्रदेश में उपलब्ध है. यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. विश्व में स्विट्जरलैंड के बाद भारत दूसरा देश है, जहां रेलवे का शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है. मध्यप्रदेश भारतीय रेलवे को बिजली उपलब्ध करा रहा है. मुरैना में 440 मेगावॉट सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार है. इससे सूर्यास्त के बाद भी 2.70 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिल पा रही है. दूसरी ओर, नीमच में गांधी सागर पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. जो ताप विद्युत के मुकाबले आधी लागत में बिजली उत्पादन करेगा.
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