इंदौर की ऐतिहासिक पहचान और करीब 100 साल पुराना शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-20 आज बदहाली के दौर से गुजर रहा है. यह वही विद्यालय है जहां से मशहूर शायर राहत इंदौरी और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता जॉनी वॉकर जैसी नामचीन शख्सियतों ने अपनी शुरुआती पढ़ाई की थी. वर्तमान में इस स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक के लगभग 80 से 100 बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव और जर्जर भवन के कारण उनका भविष्य खतरे में नजर आ रहा है.
जर्जर भवन और सुरक्षा पर खड़े होते सवाल
जूनी कसेरा बाखल स्थित इस स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के लिए महज चार कमरे और एक कार्यालय उपलब्ध है. बारिश के मौसम में पुरानी टीन की छत से पानी सीधे कक्षाओं में टपकता है, जिससे बच्चों को पढ़ाई के बीच में ही अपनी जगह बदलने पर मजबूर होना पड़ता है. स्कूल परिसर की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है, जहां चूहों के बिलों की वजह से जमीन कमजोर हो चुकी है और कई जगह चद्दर नीचे धंस गई है. टूटी बाउंड्रीवॉल और परिसर में जमा कीचड़ के बीच बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

Rahat Indori School Indore: ये स्कूल करीब 100 साल का हो चुका है. अब स्कूल में सिर्फ 4 कमरों में ही पढ़ाई होती है. जिन कमरों में बच्चे बैठते हैं वहीं किचन और पानी की टंकी भी रखी हुई है.
Photo Credit: तनुश्री
स्थान की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा
स्कूल प्रबंधन के अनुसार प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है. बच्चों को किसी दूसरे सुरक्षित भवन में शिफ्ट करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन आसपास कोई पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण यह विकल्प सफल नहीं हो सका. स्कूल के प्राचार्य साजिद बेग ने इस स्थिति से शिक्षा विभाग को भी अवगत कराया है.भवन अधिकारी पल्लवी पाल ने जोन 3 स्थित इस विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद बताया कि पानी टपकने और स्ट्रक्चर जर्जर होने की शिकायत पर दौरा किया गया था. नगर निगम द्वारा शाला को दूसरी जगह शिफ्ट करने का नोटिस पहले भी दिया गया था. उन्होंने जानकारी दी कि नए स्कूल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया फिलहाल जारी है और प्रक्रिया पूरी होते ही नया निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
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जॉइंट विजिट कर निकाला जाएगा समाधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद अब एजुकेशन डिपार्टमेंट के साथ एक जॉइंट विजिट करवाई जाएगी. इस निरीक्षण के दौरान भवन की स्थिति का आकलन कर जो भी जरूरी सुधार या कदम उठाए जा सकते हैं, उन पर चर्चा करके तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
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