भिंड: जिले के बहुचर्चित रिटायर्ड फौजी हरिदास दैपुरिया की पत्नी सुशीला देवी की हत्या और लाखों रुपये की डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. करीब 15 महीने तक चली लंबी जांच के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी, 30 हजार रुपये के इनामी बदमाश रिंकू उर्फ महावीर राठौर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के कब्जे से करीब ढाई लाख रुपये कीमत के सोने के जेवरात भी मुरैना स्थित उसके घर से बरामद किए गए हैं. इस मामले में शामिल 6 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
कौन है पकड़ा गया बदमाश? साथियों के अपराध की लिस्ट लंबी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रिंकू उर्फ महावीर राठौर मुरैना जिले का निवासी है. उसके खिलाफ चोरी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 27 मामले दर्ज हैं. वहीं, गैंग के अन्य सदस्यों का भी लंबा आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है . एक आरोपी पर 34, दूसरे पर 14 और तीसरे पर 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर भी विभिन्न थानों में कई अपराध दर्ज हैं . सीएसपी निरंजन राजपूत का कहना है कि यह गिरोह भिंड जिले में चोरी और डकैती की वारदातों को अंजाम देने में काफी सक्रिय था.
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किससे मिलने देहरा गांव आता था बदमाश?
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी रिंकू राठौर अक्सर कल्याणपुरा क्षेत्र के पास स्थित देहरा गांव में अपनी प्रेमिका से मिलने आता था. वह प्रेमिका के घर रुककर आसपास के गांवों और खेतों के पास बने सुनसान मकानों की रेकी करता था. पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना से पहले क्षेत्र की रेकी करने की बात स्वीकार की है. पुलिस अब उसकी प्रेमिका की भूमिका की भी जांच कर रही है.
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क्यों पकड़ नहीं आ रहे थे बदमाश?
सीएसपी निरंजन राजपूत के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था. पुलिस और साइबर निगरानी से बचने के लिए आरोपी घटना वाले दिन अपने मोबाइल फोन साथ नहीं रखते थे. सभी आरोपी मोबाइल फोन छोड़कर वारदात करने निकलते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाती थी. यही कारण रहा कि पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में काफी समय लग गया.
कैसे दिया था वारदात को अंजाम?
लूट और हत्याकांड की यह घटना 14-15 अप्रैल 2025 की दरमियानी रात की है. बदमाशों ने खेत के पास बने उस मकान को निशाना बनाया था, जहां रिटायर्ड फौजी हरिदास दैपुरिया अपनी पत्नी सुशीला देवी के साथ रहते थे. वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने दो-तीन दिन पहले रेकी की, फिर हरिदास दैपुरिया के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी ताकि वह बाहर न निकल सकें . इसके बाद आरोपी छत पर बने कमरे में पहुंचे और वहां रखे बक्सों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी करने लगे. इस दौरान छत पर लोहे की खाट पर सो रही बुजुर्ग सुशीला देवी जाग गईं और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया. पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने उनका मुंह दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपी लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए. सुबह जब रिटायर्ड फौजी हरिदास दैपुरिया अपनी पत्नी को जगाने के लिए छत पर पहुंचे, तो उन्हें वे मृत अवस्था में मिलीं. कमरे का ताला टूटा हुआ था और सामान बिखरा पड़ा था . घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई . फोरेंसिक टीम, साइबर सेल, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए थे. देहात थाना पुलिस ने हत्या और डकैती की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
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पुलिस ने कैसे की जांच?
पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था . एसआईटी ने करीब 150 संदिग्ध चोर गिरोहों और अपराधियों से पूछताछ की. इसके अलावा 500 से अधिक तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया गया और 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. जांच के दौरान पुलिस को घटना से पहले मुख्य आरोपी रिंकू राठौर की लोकेशन घटनास्थल के आसपास मिली . साथ ही वारदात वाले दिन रिंकू राठौर भागने के लिए छत से कूदा था, जिससे उसे चोट लग गई थी . इस आधार पर पुलिस द्वारा खंगाली गई मेडिकल रिपोर्ट भी अहम साबित हुई. इसके बाद एसआईटी ने आरोपी को देहरा गांव से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिसके आधार पर फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.
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