- संजय गांधी चिकित्सालय की मोर्चरी में महिलाओं के शवों के साथ गलत काम होने के आरोप कांग्रेस विधायक ने लगाए.
- अभय मिश्रा ने NDTV से कहा कि उन्होंने यह आरोप सीधे नहीं लगाए बल्कि डॉक्टरों से मिली जानकारी पर आधारित थे.
- उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति जानकारी दे रहा था, वह शपथ पत्र देने के लिए भी तैयार है, वे प्रत्यक्षदर्शी नहीं.
रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा का एक बयान इन दिनों प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्होंने अस्पताल की मोर्चरी में सुंदर महिलाओं के शवों के साथ गलत काम (रेप) होने का गंभीर आरोप लगाया था. इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया. अब अभय मिश्रा ने NDTV से बातचीत में अपनी बात रखते हुए कहा है कि उन्होंने यह आरोप खुद नहीं लगाया, बल्कि उन्हें कुछ लोगों और डॉक्टरों के माध्यम से ऐसी जानकारी मिली थी, जिसे उन्होंने सार्वजनिक मंच पर उठाया.
वायरल बयान पर क्या बोले अभय मिश्रा?
NDTV से बातचीत के दौरान अभय मिश्रा ने कहा कि उनका बयान एक व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित था. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति उनके पास आया था और उसने संजय गांधी अस्पताल की मोर्चरी को लेकर गंभीर बातें बताई थीं. मिश्रा का कहना है कि उन्होंने उसी संदर्भ का जिक्र अपने भाषण में किया था.
उन्होंने साफ कहा कि वह किसी घटना के प्रत्यक्षदर्शी नहीं हैं, बल्कि जनता से मिलने वाली सूचनाओं और शिकायतों के आधार पर मुद्दों को उठाते हैं. उनके मुताबिक, जिस व्यक्ति ने उन्हें जानकारी दी थी, वह अपने दावे को लेकर शपथ पत्र देने तक के लिए तैयार है.
'मैंने केवल मिली जानकारी को सामने रखा'
अभय मिश्रा ने कहा कि वह एक जनप्रतिनिधि हैं और जनता की बात सरकार और समाज के सामने रखना उनकी जिम्मेदारी है. उनका कहना है कि अगर लोगों से उन्हें किसी गंभीर मामले की जानकारी मिलती है तो उसे उठाना उनका कर्तव्य है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पूरे बयान को दिखाने के बजाय केवल कुछ हिस्सों को वायरल किया, जिससे बयान का वास्तविक संदर्भ लोगों तक नहीं पहुंच पाया. मिश्रा का कहना है कि उन्होंने जो कहा, वह उन्हें मिली शिकायतों और जानकारियों के आधार पर कहा था.
डॉक्टर के मैसेज का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान अभय मिश्रा ने दावा किया कि उन्हें एक डॉक्टर की ओर से भी संदेश मिला है. उन्होंने कहा कि उस संदेश में अस्पताल से जुड़े कुछ कर्मचारियों के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिलने की बात कही गई थी. मिश्रा ने दावा किया कि संदेश में कुछ कर्मचारियों को हटाए जाने का भी उल्लेख किया है. हालांकि बातचीत के दौरान डॉक्टर का नाम सार्वजनिक नहीं किया. मिश्रा ने कहा कि इस तरह की जानकारियों को देखते हुए पूरे मामले की गहराई से जांच होना जरूरी है.
विधानसभा में भी उठा चुके हैं मामला
अभय मिश्रा ने बताया कि वह पहले भी इस विषय को विधानसभा और अन्य मंचों पर उठा चुके हैं. उनके अनुसार उन्होंने कई बार अस्पताल से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि यह कोई नया मुद्दा नहीं है और यदि ऐसे आरोप लगातार सामने आ रहे हैं तो सरकार को गंभीरता से इसकी जांच करानी चाहिए.
सीआईडी जांच की मांग
कांग्रेस विधायक ने कहा कि इस पूरे मामले में राजनीति करने के बजाय सच्चाई सामने लाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले की सीआईडी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए, ताकि तथ्य सामने आ सकें. मिश्रा का कहना है कि अगर मामला पूरी तरह गलत है तो जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन यदि आरोपों में सच्चाई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
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