- अशोक लवासा ने EC की मीटिंग में शामिल होने से साफ मना किया- सूत्र
- अल्पमत के फैसले को रिकॉर्ड नहीं किए जाने के विरोध में किया फैसला- सूत्र
- कहा- मीटिंग में जाने का कोई मतलब नहीं है, दूसरे उपायों पर विचार संभव
चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने चुनाव आयोग की मीटिंग में शामिल होने से साफ मना कर दिया है. लवासा ने यह फैसला अल्पमत के फैसले को रिकॉर्ड नहीं किए जाने के विरोध में लिया. लवासा ने कहा, 'मीटिंग में जाने का कोई मतलब नहीं है इसलिए दूसरे उपायों पर विचार कर सकता हूं.' बता दें कि उन्होंने दावा किया था कि पीएम मोदी को विवादित बयानों के मामले में क्लीन चिट दिये जाने पर उनके(लवासा) फैसले को रिकॉर्ड नहीं किया गया. गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पीएम मोदी को 6 मामलों में किसी भी पोल कोड के उल्लंघन का दोषी नहीं माना था. चुनाव आयोग (Election Commission) की तीन सदस्यीय कमीशन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और दो चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा शामिल थे.
ये भी पढ़ें: बंगाल में 20 घंटे पहले रुका चुनाव प्रचार, इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
अशोक लवासा ने 4 मई को लिखे अपने पत्र में दावा किया था, 'जब से अल्पमत को रिकॉर्ड नहीं किया गया तब से लेकर मुझे कमीशन की मीटिंग से दूर रहने के लिए दबाव बनाया गया.' लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा था और कहा था, 'जब से मेरे अल्पमत को रिकॉर्ड नहीं किया गया तब से कमीशन में हुए विचार-विमर्श में मेरी भागीदारी का अब कोई मतलब नहीं है.'
ये भी पढ़ें: Election 2019 Updates : चुनाव बाद भाजपा के साथ नहीं जाएंगे मायावती और अखिलेश : राहुल गांधी
उन्होंने लिखा, 'इस मामले में दूसरे कानूनी तरीकों पर भी विचार करेंगे. मेरे कई नोट्स में रिकॉर्डिंग की पारदर्शिता की जरूरत के लिए कहा गया है.' इस पत्र को पाने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने अशोक लवासा के साथ मीटिंग बुलाई थी. बता दें कि चुनाव आयोग ने पीएम मोदी द्वारा गुजरात में 21 मई को दिए गए भाषण के मामले में क्लीन चिट दे दी थी. इस फैसले पर लवासा ने असहमति जताई थी.
Video: 'जय श्री राम' को लेकर बंगाल में बीजेपी-टीएमसी आमने-सामने
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं