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World Book Fair Delhi 2026 : किताबों के बीच दौड़ी सपनों की रेल, बाल मंडप में 'किड्स एक्सप्रेस' बना बच्चों का फेवरेट अड्डा

किड्स एक्सप्रेस एक रोचक वाइब्रेंट संसार है, जहां किताबें केवल पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि जी जाती हैं, कहानियां सिर्फ़ सुनाई नहीं जातीं, बल्कि कल्पना में रची जाती हैं और सीखना खेल के आनंद में घुला होता है. यह एक ऐसी यात्रा है, जिससे हर बच्चा जिज्ञासा, आत्मविश्वास और विस्मय, कुछ न कुछ अद्भुत और अनोखा साथ लेकर लौटता है.

World Book Fair Delhi 2026 : किताबों के बीच दौड़ी सपनों की रेल, बाल मंडप में 'किड्स एक्सप्रेस' बना बच्चों का फेवरेट अड्डा
रचनात्मकता की यह यात्रा ओरिगामी, कार्टून डिजाइन, कार्टून डिजाइन, थिएटर वर्कशॉप, कठपुतली शो और मन को शांत करने वाली मंडला आर्ट सत्रों के साथ आगे बढ़ती है.

World Book Fair Delhi 2026 : नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 अपने पूरे शबाब पर है. अगर आप इस बार मेले में जा रहे हैं और आपके साथ बच्चे हैं, तो हॉल नंबर 6 आपका इंतजार कर रहा है. यहां बना 'बाल मंडप' इस बार किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है. इस साल की सबसे खास बात है 'किड्स एक्सप्रेस', जो बच्चों को किताबों और कहानियों की एक अनोखी रेल यात्रा पर ले जा रही है.

कैसी है किड्स एक्सप्रेस

बाल मंडप की किड्स एक्सप्रेस में प्रवेश करते ही बच्चे रोमांचित होने लगते हैं. इसका आकार और डिजाइन उन्हें सचमुच ट्रेन के अंदर होने जैसी खुशी देता है.यहां बच्चे कई तरह की रचनात्मक गतिविधियों का निशुल्क लाभ ले रहे हैं.
रेल यात्रा की संकल्पना पर आधारित किड्स एक्सप्रेस एक ऐसा सजीव और रोचक संसार है, जहां हर दिन हजारों बच्चे कल्पना, रचनात्मकता और नई चीजों की खोज की यात्रा में शामिल होते हैं. 

इसका आकर्षक बैंगनी रंग और एनिमेटेड खिड़कियां और टिकट चेकर, चायवाला, संगीतकार तथा किताब में मगन बच्चे जैसे मनमोहक चित्र बरबस ही ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं. इसका प्रवेश द्वार इंजन के आकार का है, जो भाप की तरह बुलबुले छोड़ता हुआ, नन्हें बच्चों का स्वागत करता है. एनबीटी-इंडिया के सेल्फी पॉइंट विद्या और ज्ञान उन्हें इस यात्रा पर आमंत्रित करते हैं.

इस ट्रेन के अंदर के डिब्बे भी उतने ही आकर्षक हैं जितना प्रवेश द्वार. हर कोच पढ़ने, सोचने, रचने और महसूस करने की प्रेरणा देने के लिए सोच-समझकर डिजाइन किया गया है.

यात्रा की शुरुआत ‘स्टोरीटाइम शताब्दी' से होती है. यह एक रीडिंग कॉर्नर है, जिसके पार्श्व में अंतरिक्ष थीम की दीवार पर लिखा है रीड बियॉन्ड द स्टार्स. रॉकेट के आकार की किताबों की अलमारियां कहानियों से भरी हैं, जो नन्हे पाठकों को नए-नए संसारों की ओर उड़ान भरने का न्यौता देती हैं.

रेल म्यूजियम

‘रेल म्यूज़ियम' में भाप इंजन और आधुनिक वंदे भारत के मॉडल की रेल गाड़ी भी प्रदर्शित हैं. एक लघु फोटो प्रदर्शनी भारतीय रेल के विकास की कहानी बयान करती है. वहीं इंटरएक्टिव स्क्रीन बच्चों को क्विज़, पहेलियों और सुडोकू के लिए अवसर देती है. यहां  विजेताओं को पुस्तक कूपन से पुरस्कृत किया जाता है.

रीडर्स क्लब मूवमेंट

‘रीडर्स क्लब मूवमेंट' कोच बच्चों को एनबीटी के रीडर्स क्लब बुलेटिन और पाठक मंच बुलेटिन से परिचित कराता है, जिनमें देशभर के युवा पाठकों द्वारा रचित कविताएं, लेख और कलाकृतियाँ शामिल हैं. ये कम उम्र से पढ़ने और लिखने की आदत को प्रोत्साहित करती हैं.

रेलवे पुस्तक स्टॉल से प्रेरित ‘किताब घर' एक रचनात्मक दुनिया का ठिकाना है, जहां हैंगिंग शीट्स पर कहानियां और कविताएं लिखी गईं हैं. बच्चे अधूरी कहानियां पूरी करते हैं, कविताएं लिखते हैं और पुस्तक आवरण डिजाइन करते हैं. 

अपनी कल्पना को अभिव्यक्ति में ढालने वाली यह एक शानदार रचनात्मक दुनिया है. पास ही ‘इमोजी मी' बच्चों को रंगों और कला के माध्यम से भावनाओं को समझने में मदद करता है.

‘क्लिक-मी जंक्शन' अंडर द वॉटर थीम पर आधारित फोटो कॉर्नर विशेष तौर पर आकर्षित कर रहा है, जहां परिवार यादगार पल कैद करते हैं. अन्य डिब्बों में मधुबनी और वर्ली कला, कागज की कठपुतली, क्ले आर्ट तथा आर्ट एंड क्राफ्ट की कार्यशालाएं आयोजित होती हैं. बच्चे इनमें पूरे उत्साह से शामिल हो रहे हैं.

सबसे लोकप्रिय पड़ाव है ‘कलर मी', जहां रंग दो दुनिया सारी पंक्ति के साथ एक विशाल डूडल कैनवास बच्चों को रंग, हंसी और मुक्त अभिव्यक्ति से भर देता है. 

हर रोज हो रहे हैं कहानियां, रचनात्मकता और वैश्विक स्वर के कार्यक्रम

संगीत, नाटक, कठपुतली और रोल-प्ले के माध्यम से कहानी सत्रों से लेकर एसडीजी लक्ष्यों से जुड़ी गतिविधियों तक, यह पवेलियन रोचक अंदाज में सीखने के लिए एक भरपूर माहौल प्रदान करता है. स्पेन, रूस, फ़िनलैंड और इज़राइल से आए अंतरराष्ट्रीय स्टोरीटेलर और लेखक इन्हें वैश्विक रंग दे रहे हैं. जहां बच्चे कहानियों के ज़रिए विभिन्न संस्कृतियों की सैर करते हैं. यहां आयोजित कहानी एवं विविध सत्रों में लॉरा एस्कुएला, अनीता सिन्हा, राजीव तांबे, जानकी सबेश, आइरिस अर्गमन, ईरिस माटा, इरिना क्राएवा, शरण्या श्रीराम, नामिक शेरपा, रामेंदर कुमार ने भी सहभागिता की.

रचनात्मकता की यह यात्रा ओरिगामी, कार्टून डिजाइन, कार्टून डिजाइन, थिएटर वर्कशॉप, कठपुतली शो और मन को शांत करने वाली मंडला आर्ट सत्रों के साथ आगे बढ़ती है. ‘मैथ्स मैजिक', ‘वेदिक गणित के साथ फन' और ‘विज्ञान का जादू' से गणित और विज्ञान को रोचक तरीके से समझा जा रहा है. जबकि बाल लेखक संवाद, मॉस्कॉट से मुलाकात और बच्चों की फिल्म स्क्रीनिंग इसमें कुछ और अनुभव जोड़ देते हैं.

शाम के समय ‘ट्रेनिंग द ट्रेनर्स' कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षक, शिक्षाविद और अभिभावक एकत्र होते हैं, जहां खिलौना-आधारित शिक्षण, नाटक-आधारित लर्निंग, खेल के माध्यम से गणित, कक्षा में मानसिक स्वास्थ्य और रचनात्मक शिक्षण उपकरणों पर कार्यशालाएं, समूह चर्चाएँ और लाइब्रेरियंस मीट आयोजित की जाती हैं.

कुल मिलाकर, किड्स एक्सप्रेस एक रोचक वाइब्रेंट संसार है, जहां किताबें केवल पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि जी जाती हैं, कहानियां सिर्फ़ सुनाई नहीं जातीं, बल्कि कल्पना में रची जाती हैं और सीखना खेल के आनंद में घुला होता है. यह एक ऐसी यात्रा है, जिससे हर बच्चा जिज्ञासा, आत्मविश्वास और विस्मय, कुछ न कुछ अद्भुत और अनोखा साथ लेकर लौटता है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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