
‘सिडक्शन बाय ट्रूथ' किताब आधारित है शादी के बाद आपसी विश्वास और प्रेम की संभावनाओं पर. इस किताब के मुख्य किरदार हैं शिव. और किताब की पूरी कहानी शिव के ही इर्द-गिर्द घूमती है. जैसे कि किस तरह से शिव अपनी पत्नी के व्यभिचारी होने का पता चलने के बाद भी उस तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे पाता है जैसा उससे उम्मीद की जाती है. खास कर तब जब शिव को पता होता है कि इस खबर के बाद से उसके वैवाहिक जीवन से सेक्स दूर हो जाएगा. लेकिन इसके बावजूद भी वह सिर्फ सेक्स न हो पाने की वजह से अपनी शादी को खत्म नहीं कर पा रहा है. हालांकि शिव के जहन में अपनी पत्नी आक्रिती से अलग होने का ख्याल कई बार आता है लेकिन वह उसे कभी गंभीरता से नहीं लेता है.
कहानी के अनुसार शिव एक जाना-माना बुद्धिजीवी होता है. शिव को इस बात का पता है कि इंसान को अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए शादी ही पर्याप्त नहीं है. यही वजह है कि वह मन की जगह तर्क का सहारा लेता है. वह अपनी शादीशुदा जिंदगी के दौरान खुद को व्यभिचार के रास्ते की तरफ अग्रसर करता है. इस दौरान वह दो उद्देश्य तय करता है एक तो यह कि वह शादी के पीछे के मकदस को समझेगा और दूसरा यह कि अपनी इच्छाओं को दोबारा तलाशेगा. ठीक उसी तरह जिस तरह उसकी पत्नी ने किया था. इन दोनों ही उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसने यह फैसला किया था कि वह अब से सिर्फ शादी-शुदा महिलाओं के साथ ही संबंध बनाएगा.
शिव अपनी खोज के दौरान तीन अलग-अलग महिलाओं को चुनता है. यह तीनों ही महिलाएं हिंदू, इस्लाम और ईसाई परंपराओं से ताल्लुक रखती हैं. उसने अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए जिस पहली महिला का चयन किया है उसका नाम सना है. सना एक विवाहित हिंदू धर्म को मानने वाली महिला हैं. जो खुद शिव की निजी सचिव भी हैं. जबकि जेबा मुस्लिम हैं और शादीशुदा हैं. वह अपने साथी कंपनी की प्रोजेक्ट हेड हैं. और तीसरी महिला हैं इटली की मैरी. मैरी शादीशुदा नहीं हैं. शिव इन तीनों महिलाओं से मिलते हैं. और कोशिश करते हैं को वह उनसे यह जान समझ पाएं कि आखिर शादी का उनके लिए क्या महत्व है. इन सब के बीच शिव के दिमाग में यह बात भी चल रही होती है कि आखिर शादी के बाद किसी जुनून को फिर से जगाने और शादी के लिए परंपरा की मजबूरियां और समाजिक आदेशों को सही से लागू करना कितना और क्यों जरूरी है. यह किताब अपने माध्यम से इन परंपराओं पर सवाल उठाती है.
लेखक के बारे में-
मुकुल कुमार एक अधिकारी-लेखक हैं. वह भारतीय सिविल सर्विस के 1997 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में नई दिल्ली में उत्तर रेलवे में कार्यरत है. इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है. प्रतिष्ठित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आई.आई.पी.ए.), नई दिल्ली में लोक प्रशासन का भी अध्ययन किया है. 2012 में उनकी पहली पुस्तक “The Irrepressible Echoes” प्रकाशित हुई, जो उनकी अंग्रेजी कविताओं का संकलन है. इसके बाद 2016 में उनका पहला उपन्यास “As Boys Become Men”, रूपा (Rupa) पब्लिेकशनस द्वारा प्रकाशित हुआ, और “Seduction by Truth” लेखक का दूसरा उपन्यास है, जो ब्लूम्सबरी (Bloomsbury) पब्लिेकशनस द्वारा हाल में ही प्रकाशित किया गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं