पिछले करीब 90 सालों से गणित की जिस पहेली को इंसान आज तक नहीं सुलझा पाए थे, उसे अब एआई ने सुलझाने का दावा किया है. openAI ने दावा किया है कि उसने नीवियर स्ट्रोक्स इक्वेशन (Navier Stokes Equation) को सॉल्व कर दिया है. कंपनी ने दावा कि किया है कि करीब 10 हजार एआई एजेंट्स ने 88 घंटे तक काम करने के बाद इसे सॉल्व कर लिया. अब इस दावे को अलग-अलग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के जरिए चेक किया जा रहा है. इस पहेली को सुलझाने के लिए करीब 9 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था. ऐसे में सवाल है कि ये गणित की कौन की इक्वेशन थी और इससे क्या पता लगाया जा सकता है.
क्या है Navier Stokes Equation?
गणित में करीब 7 ऐसी प्रॉब्लम्स हैं, जिन्हें 7 मिलेनियम प्राइज प्रॉब्लम्स के नाम से जाना जाता है. इन इक्वेशन को सॉल्व करने वालों को 1 मिलियन डॉलर का इनाम दिया जाता है. हालांकि इन्हें पिछले कई दशकों से नहीं सुलझाया जा सका है. इनमें से एक Navier Stokes Equation भी है, जिसे अब ओपेन एआई ने सुलझाने का दावा कर दिया है.
क्या समझना चाहते हैं वैज्ञानिक?
आप कल्पना कीजिए कि आपके पास पानी से आधा भरा हुआ एक गिलास है, जिसे आप अपने हाथ में लेकर घुमा रहे हैं. इस दौरान कई तरह की मूवमेंट्स दिखती हैं. कई बार ये किसी भंवर सा दिखने लगता है. इस पूरी हलचल को सॉल्व करने के लिए साइंटिस्ट्स के पास पहले से ही एक फॉर्मूला या फिर इक्वेशन था, लेकिन वो ये प्रूव नहीं कर पाए कि इसमें कोई ब्रेकडाउन आ सकता है, यानी ये मूवमेंट अचानक से रुक सकता है या नहीं, या फिर ये हमेशा के लिए इसी मूवमेंट में रह सकता है या नहीं... ये प्रॉब्लम आज तक सॉल्व नहीं हो पाई थी.
दूसरों ने भी किया दावा
openAI ने भले ही Navier Stokes Equation को सुलझाने का दावा किया है, लेकिन अब इसे लेकर विवाद भी शुरू हो चुका है. NYU के मैथेमिटिशियन्स और एंथ्रोपिक के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि उनके पास ये रिसर्च पहले से थी और ओपेन एआई ने उनकी रिसर्च का इस्तेमाल कर ये प्रॉब्लम सॉल्व की है.
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