- जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बाद गुजरात के कॉन्स्टेबल रामगर मोहनगर गोसाई ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया.
- गोसाई ने कहा कि अब जिंदगी RSS को समर्पित करेंगे और 2029 तक नंगे पैर रहेंगे.
- उन्होंने इस्तीफे की वजह विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन और सरकार-विरोधी नैरेटिव का जवाब देने की नैतिक इच्छा को बताया.
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के हालिया विरोध-प्रदर्शन के बाद गुजरात पुलिस के एक सर्विंग कॉन्स्टेबल ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. गांधीधाम के पूर्वी कच्छ में अडेशर पुलिस स्टेशन में तैनात रामगर मोहनगर गोसाई ने पुलिस अधीक्षक को अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंप दिया. उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान सरकार-विरोधी नैरेटिव का मुकाबला करने की अपनी नैतिक इच्छा का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है.
लोकसभा चुनाव तक का संकल्प...
रामगर मोहनगर गोसाई ने कहा, "मुझे यह सरकारी नौकरी बहुत मेहनत और लगन के बाद मिली थी." उन्होंने कहा कि 2029 के आम चुनावों तक नंगे पैर रहने का अभूतपूर्व संकल्प ले रहा हूं.
गोसाई ने अपने इस्तीफे के पीछे की असल वजह बताते हुए कहा, "विपक्ष के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन उनके करियर में आए इस बदलाव की अहम वजह थे." उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं के हित में फैसले लिए, जिससे प्रेरित होकर मैंने सरकारी नौकरी के बजाय अपनी जिंदगी नागरिक और सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता के लिए समर्पित करने का फैसला किया.
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'जिंदगी RSS को समर्पित...'
गोसाई ने अपने वीडियो मैसेज में कहा, "देश में जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शन और युवाओं के हित में मोदी साहब द्वारा लिए गए फैसलों को देखते हुए, मैं मोदी सरकार और संघ के समर्थन में पुलिस कॉन्स्टेबल के पद से इस्तीफा दे रहा हूं. अब मैं अपनी जिंदगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समर्पित करना चाहता हूं, जो बिना किसी निजी स्वार्थ के राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित संगठन है."
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