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जमीनी स्तर पर किए गए काम ने दिलाई ग्लोबल पहचान, जानें कौन हैं रूबल नागी, जिन्हें मिला 8 करोड़ रुपये का इनाम

रूबल नागी का जन्म जम्मू-कश्मीर में हुआ था. उन्होंने 24 साल पहले एक छोटी सी वर्कशॉप में 30 बच्चों के साथ शुरुआत की थी. अब दस लाख से ज़्यादा बच्चों तक पहुंच चुकी हैं. साल 2022 में रूबल नागी की किताब 'द स्लम क्वीन' प्रकाशित हुई थी.

जमीनी स्तर पर किए गए काम ने दिलाई ग्लोबल पहचान, जानें कौन हैं रूबल नागी, जिन्हें मिला 8 करोड़ रुपये का इनाम
'रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन' ने पूरे भारत में 800 से अधिक लर्निंग सेंटर स्थापित किए हैं.

भारतीय टीचर और सामाजिक कार्यकर्ता रूबल नागी ने दुबई में आयोजित 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट' में 10 लाख डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) का ग्लोबल टीचर प्राइज जीता है. रूबल नागी की संस्था 'रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन' ने पूरे भारत में 800 से अधिक लर्निंग सेंटर स्थापित किए हैं. वे झुग्गियों की दीवारों पर शैक्षिक चित्र (मुरल्स) बनाकर बच्चों को पढ़ाती हैं. बच्चों को पढ़ाने के सफर की शुरुआत रूबल ने 24 साल पहले की थी. उस दौरान रूबल एक छोटी सी कार्यशाला में सिर्फ 30 बच्चों के पढ़ाती थी, वहीं आज ये आंकड़ा 10 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच गया है. रूबल नागी के जमीनी स्तर पर किए गए छोटे से प्रयास ने उन्हें आज ग्लोबल पहचान दिलाई है. आइए जानते हैं रूबल नागी के सफर के बारे में-

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रूबल नागी का जन्म जम्मू-कश्मीर में हुआ था. उन्होंने 24 साल पहले एक छोटी सी वर्कशॉप में 30 बच्चों के साथ शुरुआत की थी. अब दस लाख से ज़्यादा बच्चों तक पहुंच चुकी हैं. साल 2022 में रूबल नागी की किताब 'द स्लम क्वीन' प्रकाशित हुई थी. अवार्ड लेते हुए, रूबल ने कहा कि यह प्राइज उनके और भारत के लिए सम्मान की बात है. उन्होंने कहा था, "मुझे लगता है कि हर कदम ने मुझे मोटिवेट किया है, मुझे भारत के हर बच्चे को स्कूल ले जाने के लिए प्रेरित किया है." “आप जानते हैं, जब मैं बच्ची था तो मेरा सपना था कि हर बच्चा स्कूल जाए.” नागी इनाम में मिला राशि का इस्तेमाल एक ऐसा इंस्टिट्यूट बनाने में करेंगी जो मुफ़्त वोकेशनल ट्रेनिंग देता हो.

नागी यह अवॉर्ड जीतने वाले 10वीं टीचर

रूबल नागी ने यूनाइटेड अरब अमीरात के दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट में यह अवॉर्ड लिया है. यह एक सालाना इवेंट है जिसमें दुनिया भर के लीडर आते हैं. यह प्राइज वर्की फ़ाउंडेशन देता है, जिसके फ़ाउंडर, सनी वर्की थे. उन्होंने GEMS एजुकेशन कंपनी शुरू की थी, जो मिस्र, क़तर और UAE में दर्जनों स्कूल चलाती है. ये अवॉर्ड फाउंडेशन ने 2015 में देना शुरू किया था. नागी यह अवॉर्ड जीतने वाले 10वीं टीचर हैं.

वर्की ने ग्लोबल टीचर प्राइज़ वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, “रूबल नागी टीचिंग की सबसे अच्छी चीज़ें दिखाती हैं – हिम्मत, क्रिएटिविटी, दया और हर बच्चे की क्षमता में अटूट विश्वास.” “सबसे पिछड़े समुदायों तक शिक्षा पहुंचाकर, उन्होंने न सिर्फ़ लोगों की जिंदगी बदली है, बल्कि परिवारों और समुदायों को भी मजबूत किया है.”

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