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सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है इंडोनेशिया, यहां कितने हिंदू रहते हैं?

दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश होने के बाद भी इंडोनेशिया में 1.7% से 2% हिंदू आबादी (मुख्य रूप से बाली में) रहती है. यहां रामायण, महाभारत और संस्कृत भाषा का गहरा ऐतिहासिक व सांस्कृतिक प्रभाव है, जिसे देखने पीएम मोदी प्रम्बानन शिव मंदिर भी जाएंगे.

सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है इंडोनेशिया, यहां कितने हिंदू रहते हैं?
इंडोनेशिया में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और कुल आबादी में उनका हिस्सा करीब 1.7% से 2% है.

Hindu Population In Indonesia : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना हो चुके हैं. इस दौरे के पहले पड़ाव में वह 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करना है. अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी इंडोनेशिया में रहती है, लेकिन इसके बावजूद वहां हिंदू संस्कृति की जड़ें बेहद गहरी हैं. भारत और इंडोनेशिया का यह रिश्ता सदियों पुराना है. ईसा पूर्व के समय से ही भारत के व्यापारी और नाविक इंडोनेशिया आते-जाते रहे, जिसके कारण वहां हिंदू और बौद्ध धर्म का विस्तार हुआ.

प्राचीन काल में वहां श्रीविजया और मजापहित जैसे महान साम्राज्य रहे, जिनकी संस्कृति में भारतीय झलक साफ दिखती है.  यहां तक कि इंडोनेशिया की राजभाषा बहासा इंडोनेशिया में आज भी संस्कृत के कई शब्द शामिल हैं.

ऐसे में पीएम मोदी के इस दौरे के बीच सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ एक दिलचस्प चर्चा छिड़ गई है कि दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद इंडोनेशिया में कितने हिंदू रहते हैं?

इंडोनेशिय में हिंदू अबादी कितनी है?

इंडोनेशिया में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और कुल आबादी में उनका हिस्सा करीब 1.7% से 2% है. हालांकि, इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर सबसे ज्यादा हिंदू आबादी रहती है, जो दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. पूरे देश में हिंदुओं को पूरी धार्मिक आजादी है और वहां की सरकार भी इस सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देती है.

पीएम मोदी 'प्रम्बानन मंदिर परिसर' का करेंगे दर्शन 

अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो भगवान शिव को समर्पित ऐतिहासिक 'प्रम्बानन मंदिर परिसर' का दौरा भी करेंगे. इसके साथ ही, भारत साल 2027 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाने की तैयारी भी कर रहा है.

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