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This Article is From Oct 23, 2025

दिवाली पर हो गए कई अंधे, अब छठ पर बच्चों को बचाओ, कर्बाइड गन से दूरी बनाओ

Carbide Gun Safety Tips: सोशल मीडिया पर कार्बाइड गन के कई वीडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद लोगों ने और खासतौर पर बच्चों ने इसका जमकर इस्तेमाल किया.

दिवाली पर हो गए कई अंधे, अब छठ पर बच्चों को बचाओ, कर्बाइड गन से दूरी बनाओ
कार्बाइड गन से जा सकती है आंखों की रोशनी


दिवाली को रोशनी का त्योहार कहा जाता है, लेकिन कुछ परिवारों के लिए इस बार की दिवाली अंधेरा लेकर आई. इन घरों के चरागों की रोशनी फीकी पड़ गई. कई बच्चों ने वायरल हो रही रील को देखते हुए कार्बाइड गन खरीदी और अपनी आंखों को खो दिया. मध्य प्रदेश और बिहार से ऐसे सैकड़ों मामले सामने आए हैं, जहां दिवाली पर बच्चों की आंखें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं. ये तमाम बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और इनमें से कई शायद ही अब कोई दिवाली देख पाएंगे. अब छठ का त्योहार भी आ रहा है, ऐसे में आप अपने बच्चों को इस तरह के हादसे से बचा सकते हैं. आइए जानते हैं कि पटाखे लेते हुए या चलाते हुए किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है. 

क्या होती है कार्बाइड गन?

दरअसल इस गन को देसी तरीके से तैयार किया गया है, जैसे लोहे के पाइप से पोटाश वाली नली तैयार की जाती है, उसी तरह से प्लास्टिक के कुछ पाइप जोड़कर इसे बनाया जाता है. कुल मिलाकर ये एक देसी जुगाड़ है. इसे कैल्शियम कार्बाइड गन भी कहा जाता है. ये काफी सस्ती और बच्चों को आकर्षित करने वाली चीज है, इसीलिए इस दिवाली पर इसे जमकर खरीदा गया. ये बाजार में 150 से 200 रुपये तक मिल रही थी. 

क्या होता है कार्बाइड, जिसने दिवाली पर फोड़ दीं कई लोगों की आंखें...जानें कैसे होता है धमाका

क्यों होती है खतरनाक?

ये देसी गन काफी खतरनाक होती है, क्योंकि इसमें केमिकल का इस्तेमाल होता है. इसमें प्लास्टिक के पाइप के अंदर कैल्शियम कार्बाइड डाला जाता है, जिसके ऊपर पानी की कुछ बूंदें डालने पर एक गैस बन जाती है और लाइटर की एक चिंगारी इसे धमाके में बदल देती है. इसी धमाके को पटाखे की आवाज के तौर पर बच्चे इस्तेमाल कर रहे थे. 

ऐसे होता है हादसा

जब इस कार्बाइड गन में पानी डाला जाता है तो पानी और कैल्शियम कार्बाइड के रिएक्शन में थोड़ा टाइम लगता है, ऐसे में बच्चे गन के अंदर देखते हैं कि धमाका क्यों नहीं हुआ, तभी अचानक तेज धमाका होता है और प्लास्टिक के टुकड़े केमिकल के साथ सीधे आंख के अंदर घुस जाते हैं. ये धमाका इतना तेज होता कि आंख और चेहरे को पूरी तरह से छलनी कर सकता है. 

छठ पर रखें इन बातों का ख्याल

दिवाली के बाद छठ के त्योहार पर भी जमकर आतिशबाजी होती है, ऐसे में आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि किसी भी हाल में घर पर देसी जुगाड़ वाली बंदूक न आए. अगर बच्चा जिद करता है तो उसे एक अच्छी और मजबूत बंदूक दिलाएं, ऐसी बंदूक जिसमें पटाखे अंदर लगते हों और फायर नली से बाहर आता हो. इंस्टाग्राम पर वायरल होने वाली किसी भी चीज पर भरोसा न करें, क्योंकि ये आपके और आपके परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं. 

अगर आपके आसपास किसी के पास ये कार्बाइड गन है तो उसे इस्तेमाल करने से तुरंत रोक लें. इस तरह की दूसरी चीजों को इस्तेमाल करने का सही तरीका यही है कि इन्हें खुद के शरीर से काफी दूर रखें और आंखें दूसरी तरफ घुमा लें. यही चीज आपको हर पटाखे के साथ करनी है, फिर चाहे वो अनार हो या फिर कोई स्काई शॉट... एक धमाका आपकी आंखों की रोशनी छीन सकता है. 

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