संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 2028-29 में भारत को अस्थाई सीट मिलेगी या नहीं? इसका फैसला तो होना अभी बाकी है. लेकिन इसके लिए भारत ने कमर कस ली है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं, जहां वह UNSC में भारत की दावेदारी का ऐलान करेंगे.
जयशंकर बताएंगे कि भारत 2028 और 2029 में फिर दो साल के लिए UNSC का मेंबर बनना चाहता है. वह न्यूयॉर्क में UN के देशों के सामने दावेदारी का ऐलान करेंगे और भारत के लिए समर्थन मांगेंगे.
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भारत को समर्थन की उम्मीद
भारत आजादी के बाद से 8 बार UNSC का अस्थायी सदस्य बन चुका है. आखिरी बार 2021-22 में भारत UNSC का अस्थायी सदस्य बना था.
अब 2027 में UN महासभा के 82वें सत्र में चुनाव होंगे, जिसमें 2028-29 के लिए अस्थायी सदस्यों का चुनाव होगा. जयशंकर का न्यूयॉर्क जाना चुनावों में एशिया-पैसिफिक ब्लॉक में अपनी जगह बनाने की भारत की कोशिश का पहला कदम है. अगर भारत चुनाव जीत जाता है तो वह 9वीं बार UNSC का अस्थायी सदस्य बनेगा.
भारत लंबे समय से UN में सुधार की वकालत करते आ रहा है. पिछले कई सालों में सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि UNSC में ज्यादा प्रतिनिधित्व होना चाहिए, चाहे वह स्थायी सदस्य हों या अस्थायी सदस्य.
भारत के पास UNSC के 5 में से 4 स्थायी सदस्यों- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस का साथ भी मिलने की उम्मीद है. हालांकि, चीन हमेशा से भारत का विरोध करता रहा है.
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2028-29 में मेंबर बनने के लिए क्या करना होगा?
UNSC में 15 सदस्य होते हैं. इनमें 5 स्थायी- अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस हैं. बाकी 10 अस्थायी सदस्य होते हैं. अस्थायी सदस्यों में बहरीन, कोलंबिया, कॉन्गो, लातविया, लाइबेरिया, ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और जिंबाब्वे हैं.
अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल दो साल के लिए हर होता है. हर साल 5 अस्थायी सदस्यों को चुना जाता है. अस्थायी सदस्यों का चुनाव क्षेत्रीय आधार पर होता है. 10 में से 5 अस्थायी सदस्यों का चुनाव अफ्रीका और एशिया से होता है. एक पूर्वी यूरोप, दो लैटिन अमेरिकी और दो पश्चिमी यूरोप से होते हैं.
सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट पाने के लिए किसी देश को UNGA यानी संयुक्त राष्ट्र की महासभा के सत्र में मौजूद और वोट देने वाले UN सदस्य देशों में से दो-तिहाई का समर्थन हासिल करना जरूरी है. अगर सभी 193 सदस्य देश मौजूद हों और वोट दें तो सीट जीतने के लिए कम से कम 129 वोटों की जरूरत होती है.
भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से है, जो एशिया-पैसिफिक की सीट के लिए दावेदार है. ताजिकिस्तान को 57 मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) का समर्थन हासिल है. इसलिए 2027 में होने वाले UN के चुनावों से पहले जयशंकर का न्यूयॉर्क जाना भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक कोशिशों में से एक है.
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अब तक कब-कब मेंबर रहा है भारत?
भारत अब तक 8 बार UNSC का अस्थायी सदस्य बन चुका है. आजादी के बाद पहली बार 1950-51 में अस्थायी सदस्य बना था. उसके बाद 1967-68, 1972-72, 1977-78, 1984-85, 1991-92, 2011-12 और 2021-22 में सदस्य बना था.
भारत अब UNSC में स्थायी सीट मांग रहा है. विदेश मंत्री जयशंकर कई बार UNSC में सुधार की बात कह चुके हैं. उनका तर्क है कि UNSC के ढांचे को समय के साथ बदलने की जरूरत है. इस मांग की वाजिब वजह भी है. भारत आबादी, आर्थिक और सैन्य, तीनों ही मामलों में बहुत मजबूत है.
UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का कई देश समर्थन भी करते हैं. अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस भी भारत को परमानेंट सीट देने की वकालत कर चुके हैं. हालांकि, चीन इसमें हर बार अड़ंगा डाल देता है. चीन UNSC का स्थायी सदस्य है, इसलिए जब भी भारत के हित में कोई प्रस्ताव आता है तो वह वीटो लगाकर उसे गिरा देता है.
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