जब भी इंडोनेशिया का नाम आता है, तो उसके राष्ट्रीय प्रतीक 'गरुड़' (Garuda) का जिक्र जरूर होता है. दिलचस्प बात यह है कि गरुड़ केवल इंडोनेशिया की पहचान नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध भारतीय संस्कृति और हिंदू पौराणिक परंपरा से भी है. ऐसे में सवाल उठता है कि इंडोनेशिया के गरुड़ से भारत का रिश्ता क्या है?
हिंदू पौराणिक कथाओं से जुड़ा है गरुड़
भारतीय धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन हैं. उन्हें शक्ति, साहस, ज्ञान और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है. महाभारत, रामायण और पुराणों में गरुड़ का कई स्थानों पर उल्लेख मिलता है. वे ऋषि कश्यप और विनता के पुत्र बताए गए हैं तथा नागों के शत्रु माने जाते हैं.
इंडोनेशिया तक कैसे पहुंची गरुड़ की परंपरा
पहली सहस्राब्दी (First Millennium CE) के दौरान भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच व्यापार, समुद्री संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए हिंदू और बौद्ध परंपराएं इंडोनेशिया तक पहुंचीं. उस समय इंडोनेशिया के कई हिस्सों में हिंदू-बौद्ध साम्राज्य स्थापित हुए, जिनका प्रभाव आज भी वहां के मंदिरों, कला, साहित्य और संस्कृति में देखा जा सकता है.
इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक है 'गरुड़ पंचशील'
इंडोनेशिया का आधिकारिक राष्ट्रीय प्रतीक 'गरुड़ पंचशील' (Garuda Pancasila) है. यह एक स्वर्णिम गरुड़ का चित्र है, जिसकी छाती पर एक ढाल बनी होती है. इस ढाल पर बने पांच प्रतीक इंडोनेशिया के राष्ट्रीय दर्शन 'पंचशील' (Pancasila) के पांच सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
गरुड़ के पंजों में एक पट्टी होती है, जिस पर इंडोनेशिया का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य "भिन्नेका तुंग्गल ईका" (Bhinneka Tunggal Ika) लिखा है, जिसका अर्थ है- अनेकता में एकता. यह विचार भारत के एकता में विविधता के सिद्धांत से काफी मेल खाता है.
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इंडोनेशिया की राष्ट्रीय एयरलाइन का नाम भी Garuda
इंडोनेशिया की राष्ट्रीय विमान सेवा का नाम Garuda Indonesia है. यह भी दर्शाता है कि गरुड़ वहां केवल एक पौराणिक पात्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और पहचान का प्रतीक है.
मुस्लिम बहुल देश में भी क्यों है गरुड़?
इंडोनेशिया मुस्लिम-बहुल देश है, लेकिन उसने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भी संजोकर रखा है. इसलिए वहां हिंदू-बौद्ध काल के कई प्रतीक आज भी सम्मान के साथ अपनाए जाते हैं. गरुड़ भी उसी विरासत का हिस्सा है और इसे धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है.
भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों का प्रतीक
गरुड़ दोनों देशों के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक संबंधों की याद दिलाता है. भारत और इंडोनेशिया के बीच केवल व्यापारिक ही नहीं, बल्कि धार्मिक, साहित्यिक और कलात्मक संबंध भी रहे हैं. आज भी इंडोनेशिया के बाली द्वीप में हिंदू संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है.
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