विज्ञापन

इंडोनेशिया में हर रात जमीं पर उतर आते हैं भगवान राम, दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश में हर रात होती है रामायण

दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया में पिछले 60 सालों से हर रात भगवान श्रीराम की कथा पेश की जाती है. योग्याकार्ता के प्रम्बानन मंदिर के सामने होने वाला रामायण बैले दुनियाभर के पर्यटकों को अट्रेक्ट करता है.

इंडोनेशिया में हर रात जमीं पर उतर आते हैं भगवान राम, दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश में हर रात होती है रामायण
कई पारंपरिक आयोजनों और सैन्य परंपराओं में भी रामायण की छाप देखने को मिलती है.
सोशल मीड‍िया

Ramayana Ballet in Indonesia: दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद इंडोनेशिया आज भी भगवान श्रीराम की कथा को अपनी सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा मानता है. यहां पिछले छह दशकों से हर रात खुले आसमान के नीचे रामायण का शानदार शो होता है. ये केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस विरासत का प्रतीक है जिसने सदियों पहले समुद्र पार कर लोगों के दिलों में जगह बनाई और आज भी उतनी ही श्रद्धा और सम्मान के साथ जीवित है. यही वजह है कि इंडोनेशिया की ये परंपरा दुनियाभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है.

Latest and Breaking News on NDTV

60 साल से हर रात होती है रामायण बैले (Ramayana Ballet)

इंडोनेशिया के योग्याकार्ता शहर में स्थित करीब एक हजार साल पुराने प्रम्बानन मंदिर के सामने वर्ष 1961 से रामायण बैले का मंचन किया जा रहा है. रात के समय जब मंदिर की ऊंची मीनारें रोशनी से जगमगा उठती हैं. तब कलाकार ट्रेडिशनल जावानी डांस करते हैं. गमेलन म्यूजिक और आकर्षक कॉस्ट्यूम्स के साथ पूरी रामायण को सबके सामने लाइव कर देते हैं.

इस पेशकश की सबसे खास बात ये है कि इसमें कोई संवाद नहीं बोला जाता. पूरी कथा केवल डांस, एक्सप्रेशन्स और पॉशचर्स, म्यूजिक के जरिए ही सुनाई जाती है. इसके बावजूद दर्शक हर दृश्य को आसानी से समझ लेते हैं. देश-विदेश से आने वाले हजारों पर्यटक भी रोज, बड़ी तादाद में इस रामायण को देखने पहुंचते हैं.

मुस्लिम बहुल देश में भी श्रीराम संस्कृति का हिस्सा (Ramayana in Indonesia)

इंडोनेशिया में रामायण को किसी एक धर्म तक सीमित नहीं माना जाता. वहां इसे साझा सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सम्मान दिया जाता है. लोकल लेंग्वेज में भगवान राम को ‘रामा' कहा जाता है, जबकि हनुमान आज भी सबसे लोकप्रिय पात्रों में गिने जाते हैं.

हिंदू परंपराओं की झलक इंडोनेशिया के कई राष्ट्रीय प्रतीकों में भी दिखाई देती है. देश की राष्ट्रीय एयरलाइन का नाम कभी गरुड़ के नाम पर रखा गया था, जो हिंदू मान्यताओं में भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है. इंडोनेशिया की करेंसी पर भी भगवान गणेश की तस्वीर छप चुकी है. कई पारंपरिक आयोजनों और सैन्य परंपराओं में भी रामायण की छाप देखने को मिलती है.

इतिहासकार मानते हैं कि भारत से जुडी कई कहानियां और परंपराएं अलग अलग जरिए से इंडोनेशिया तक पहुंचीं. जिसे इस देश ने पसंद भी किया. समय के साथ साथ इंडोनेशिया की आबादी में बदलाव आया लेकिन रामायण इस देश के दिल से बाहर नहीं हो सकी. यही वजह है कि आज भी जावा की धरती पर हर रात श्रीराम की कहानी पारंपरिक डांस के माध्यम से जीवंत होती है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Indonesia Ramayan, Ramayan, Faith
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com