प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 8 जुलाई 2026 अपनी इंडोनेशिया यात्रा में वहां के ऐतिहासिक प्रम्बनान मंदिर का दौरा किया है. वैश्विक स्तर पर भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में यह एक और बड़ा कदम है. पिछले एक दशक में मोदी सरकार ने केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भारत की प्राचीन सनातन विरासत को सहेजने और उसका जीर्णोद्धार करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है.
भारत सरकार ने पड़ोसी और मित्र देशों में हमारी साझा सांस्कृतिक धरोहरों को एक नया जीवन दिया है. पड़ोसी देशों में आस्था के केंद्रों का को भी फिर से नया जीवन दिया है.

Photo Credit: Narendra Modi/X
इसके अलावा, भारत ने नेटोर के 300 साल पुराने जॉय काली माता मंदिर, आनंदमयी काली माता मंदिर और रामकृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए वित्तीय सहायता मुहैया की.
नेपाल में 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद भी भारत ने नेपाल को 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता दी थी. इसके तहत सेतो मच्छिंद्रनाथ मंदिर और बुढानीलकंठ धर्मशाला सहित 28 सांस्कृतिक विरासत स्थलों के संरक्षण का काम शुरू किया गया.

श्रीलंका का तिरुकेतीश्वरम मंदिर
श्रीलंका में भी मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए दिया अनुदान
पड़ोसी देश श्रीलंका में भगवान शिव को समर्पित श्रीलंका के पांच प्राचीन पंच ईश्वरमों में से एक, ऐतिहासिक तिरुकेतीश्वरम मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए भारत ने 326 मिलियन श्रीलंकाई रुपये का अनुदान दिया. इसके अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया में भी सांस्कृतिक कूटनीति की झलक दिखाई दी है.
लाओस में भी सहायता कर रहा भारत
लाओस में करीब 1,000 साल पुराने और सनातन सभ्यता के सबसे प्राचीन प्रतीकों में से एक शिव मंदिर, वाट फू के प्रमुख हिस्सों का भारत ने जीर्णोद्धार किया.
वियतनाम और म्यांमार में प्राचीन चंपा साम्राज्य के धार्मिक केंद्र माई सन सेंचुरी और म्यांमार के भूकंप प्रभावित बागान हेरिटेज ज़ोन में प्रसिद्ध आनंदा मंदिर व 12 ऐतिहासिक पैगोडा का जीर्णोद्धार भारतीय प्रयासों से संपन्न हुआ.

शिव मंदिर, वाट फू, लाओस
भारत की यह पहल खाड़ी देशों में भी दिखाई दी
पीएम मोदी के यह प्रयास यह दर्शाते हैं कि भारत अपनी कूटनीति में 'सांस्कृतिक जुड़ाव' को कितना महत्व देता है. इन धरोहरों का पुनरुद्धार न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि दुनिया के साथ भारत के सदियों पुराने आत्मीय संबंधों को भी पुनर्जीवित करता है.
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