Water Quality Test at Home: नल खोलते ही साफ पानी दिखे, ठंडा लगे, स्वाद भी ठीक हो, तो हम बिना सोचे समझे उसे पी लेते हैं, लेकिन हाल के दिनों में इंदौर और गांधीनगर जैसी घटनाओं ने अलर्ट कर दिया है कि साफ दिखने वाला पानी भी बीमार कर सकता है, जान तक ले सकता है. यह पानी जहर की तरह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है और उसे खतरनाक बीमारियों का घर बना देता है. कई बार यह इंदौर की घटना की तरह जानलेवा भी हो सकता है. ऐसे में अच्छी खबर ये है कि पानी की शुरुआती जांच आप खुद अपने घर पर कर सकते हैं कि वह जहरीला तो नहीं है. जानिए कैसे..
घर का पानी सेफ है या नहीं? ऐसे पहचानें (Water Quality Warning Signs)
अगर आपके घर में बार-बार पेट खराब होना, बच्चों को बुखार रहना, बदबू वाला पानी आना या नल से कभी-कभी गंदा पानी आना जैसी शिकायतें हैं, तो सतर्क हो जाइए. कई बार पाइपलाइन में लीकेज की वजह से सीवेज का पानी पीने वाले पानी में मिल जाता है और यही असली खतरा होता है.
सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं (Common Water Safety Mistakes)
अक्सर लोग पानी साफ दिखे तो उसे सुरक्षित मान लेते हैं. कई लोग सोचते हैं कि पानी उबाल लिया तो सब ठीक हो गया, लेकिन सच्चाई यह है कि उबालने से सिर्फ बैक्टीरिया मरते हैं, केमिकल और जहरीले तत्व नहीं जाते. यही वजह है कि बिना जांच पानी पीना जोखिम भरा हो सकता है.
क्या पानी चेक करने के लिए सिर्फ TDS मीटर काफी है (Is TDS Meter Enough?)
बहुत से लोग मानते हैं कि TDS मीटर से सब कुछ पता चल जाता है, जबकि ऐसा नहीं है. टीडीएस मीटर सिर्फ यह बताता है कि पानी में नमक और खनिज कितने हैं. यह बैक्टीरिया, वायरस या गंदगी के बारे में कुछ नहीं बताता. अगर TDS 300 तक है तो पानी ठीक माना जाता है. 300 से 600 के बीच पानी पीने लायक तो होता है, लेकिन सही नहीं। 600 से ऊपर का मतलब है कि पानी की क्वालिटी खराब हो रही है. इसके अलावा आजकल बाजार में ऐसी कई टेस्ट किट मिल जाती हैं, जिनसे आप खुद पानी की क्वालिटी का अंदाजा लगा सकते हैं.
कौन-सी वाटर टेस्ट किट सबसे ज्यादा काम की हैं (Best Water Testing Kits for Home)
1. कोलीफॉर्म और ई-कोलाई टेस्ट किट
यह किट पानी में खतरनाक बैक्टीरिया की मौजूदगी बताती है. ये बैक्टीरिया आमतौर पर गंदे या सीवेज वाले पानी से आते हैं. अगर टेस्ट पॉजिटिव आया, तो समझिए पानी पीने लायक नहीं है. यह टेस्ट 18 से 24 घंटे में रिजल्ट देता है. कोलीफॉर्म टेस्ट किट डालकर तय समय तक इंतजार करें और रंग में बदलाव देखें.
2. क्लोरीन टेस्ट किट
नगर निगम के पानी में क्लोरीन होना जरूरी होता है, क्योंकि वही कीटाणुओं को मारता है. अगर पानी में क्लोरीन बिल्कुल नहीं है, तो बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. इस किट से कुछ ही मिनटों में पता चल जाता है कि पानी सुरक्षित है या नहीं. क्लोरीन टेस्ट में बताए अनुसार ड्रॉप डालें, रंग न आए तो पानी असुरक्षित हो सकता है.
3. टर्बिडिटी टेस्ट ट्यूब
यह टेस्ट पानी की बारीक गंदगी पकड़ता है. अगर ट्यूब में नीचे का निशान साफ नहीं दिखता और पानी धुंधला लगे, तो सावधान हो जाइए. यह पाइपलाइन लीकेज का शुरुआती संकेत हो सकता है. टर्बिडिटी ट्यूब में पानी भरें, अगर निशान साफ न दिखे तो पानी गंदा है.
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