Cheque Bounce Rules: बॉलीवुड फिल्मों में अपनी कॉमेडी के लिए मशहूर राजपाल यादव फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. राजपाल यादव ने चेक बाउंस के एक मामले में खुद ही सरेंडर कर दिया और जेल चले गए. उनका कहना है कि उनके पास चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए जेल जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. इसी बीच बॉलीवुड के कई सेलेब्स उनकी मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि चेक बाउंस को लेकर कानून क्या है और अगर गलती से किसी का चेक बाउंस हो जाए तो क्या उसे भी जेल जाना पड़ सकता है? इसके लिए हमने कानून की जानकार एडवोकेट से बातचीत की है.
चेक बाउंस होने के कारण
सबसे पहले ये जान लेते हैं कि चेक बाउंस किन कारणों से हो सकते हैं...
- चेक बाउंस होने का कारण खाते में कम पैसे होना भी हो सकता है.
- किसी का खाता बंद या इनएक्टिव हो जाने पर भी ऐसा हो सकता है.
- चेक में गलत तरह से साइन या गलत जानकारी भरने पर भी चेक बाउंस होता है.
कब बन जाता है अपराध?
चेक बाउंस के ज्यादातर मामलों में समझौता हो जाता है और पैसा दे दिया जाता है, लेकिन कुछ मामलों में जब तय समय में पैसा नहीं दिया जाता है तो वो अपराध की श्रेणी में आ जाता है. सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट आरुषी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अगर चेक देने वाला व्यक्ति कानूनी नोटिस मिलने के बाद भी तय समय में पैसा नहीं देता, तो यह धारा 138, NI Act के तहत एक आपराधिक मामला बन जाता है.
कितने साल की सजा हो सकती है?
चेक बाउंस के मामले में अधिकतम 2 साल की जेल हो सकती है. इसके अलावा चेक की राशि का दोगुना तक जुर्माना या दोनों हो सकता है. हालांकि ये सब तभी होता है, जब कानूनी नोटिस भेजा गया हो. चेक लेने वाले व्यक्ति को बैंक की तरफ से रिटर्न मेमो मिलने के 30 दिनों के भीतर नोटिस भेजना होता है.
गलती से चेक बाउंस होने पर क्या होता है?
अगर आपका चेक किसी गलती से बाउंस हो गया है तो इसके लिए आपको जेल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बशर्ते आप तय वक्त में भुगतान कर दें. नोटिस में 15 दिनों के अंदर भुगतान करने की मांग की जाती है. अगर 15 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाए, तो कोई अपराध नहीं माना जाता है. यानी जिस शख्स ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है, उसे कानूनी पचड़ों में पड़ने की जरूरत नहीं होगी.
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